डॉ. विजय गर्ग
मानव सभ्यता ने तकनीक की सहायता से अभूतपूर्व प्रगति की है। संचार, शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन और प्रशासन—हर क्षेत्र में तकनीकी विकास ने जीवन को आसान बनाया है। परन्तु जिस तकनीक ने दुनिया को जोड़ा है, उसी के दुरुपयोग ने अनेक नई चुनौतियों को जन्म दिया है। आज तकनीक का गलत उपयोग समाज, नैतिकता और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रहा है।
तकनीक: सुविधा से निर्भरता तक
स्मार्टफोन और इंटरनेट ने जानकारी को हमारी उंगलियों पर ला दिया है। लेकिन सुविधा धीरे-धीरे निर्भरता में बदल रही है। लोग आमने-सामने बातचीत के बजाय स्क्रीन पर अधिक समय बिताने लगे हैं। परिवार और समाज के बीच संवाद कम होता जा रहा है।
सोशल मीडिया और गलत सूचना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, Instagram और WhatsApp ने संवाद को आसान बनाया है, लेकिन इनके माध्यम से अफवाहें, फर्जी समाचार और भ्रामक सूचनाएँ तेज़ी से फैलती हैं। गलत सूचना सामाजिक तनाव, घबराहट और अविश्वास को जन्म दे सकती है।
बच्चों और युवाओं पर प्रभाव
तकनीक का अनियंत्रित उपयोग बच्चों और युवाओं के विकास को प्रभावित कर रहा है:
पढ़ाई में ध्यान की कमी
डिजिटल लत की समस्या
नींद की कमी
आक्रामक व्यवहार
सामाजिक अलगाव
ऑनलाइन गेमिंग और त्वरित मनोरंजन की आदत धैर्य और एकाग्रता को कमजोर कर रही है।
साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी
तकनीक के दुरुपयोग का सबसे खतरनाक पहलू साइबर अपराध है। पहचान की चोरी, ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी कॉल और डेटा चोरी जैसी घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। अनजान लिंक पर क्लिक करना या निजी जानकारी साझा करना गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है।
निजता पर खतरा
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हमारी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित नहीं रहती यदि सावधानी न बरती जाए। ऐप्स और वेबसाइटें उपयोगकर्ताओं का डेटा एकत्र करती हैं, जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
लगातार स्क्रीन उपयोग, तुलना की संस्कृति और ऑनलाइन मान्यता की चाह तनाव, चिंता और आत्मसम्मान में कमी का कारण बन रही है। आभासी दुनिया में स्वीकृति की तलाश वास्तविक जीवन के संतुलन को बिगाड़ सकती है।
समाधान: जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता
तकनीक समस्या नहीं है; उसका दुरुपयोग समस्या है। समाधान के लिए समाज, परिवार और संस्थाओं को मिलकर प्रयास करने होंगे:
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना
बच्चों के स्क्रीन समय पर नियंत्रण
सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से पहले सत्यापन
साइबर सुरक्षा जागरूकता
तकनीक से दूरी बनाकर वास्तविक गतिविधियों में भागीदारी
निष्कर्ष
तकनीक मानव प्रगति का शक्तिशाली साधन है, परन्तु इसका अनियंत्रित और अनुचित उपयोग सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। आवश्यकता इस बात की है कि हम तकनीक के स्वामी बनें, उसके गुलाम नहीं। विवेकपूर्ण और जिम्मेदार उपयोग ही तकनीक को मानव कल्याण का साधन बना सकता है।
डॉ विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब


