गंगा का जलस्तर बढ़ने से साधु-संतों व कल्पवासियों की बढ़ीं मुश्किलें, दहशत का माहौल
शमशाबाद (फर्रुखाबाद): ढाई घाट शमशाबाद (Dhai Ghat Shamshabad) स्थित पवित्र गंगा तट पर लगने वाले प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक रामनगरिया मेले (Ramnagariya fair) को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन मेले के आयोजन में अब कुछ ही दिन शेष होने के बावजूद व्यवस्थाएं अभी तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। यह स्थिति तब है, जब कुछ दिन पूर्व अपर पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था और खामियां पाए जाने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए थे।
तैयारियों में देरी, श्रद्धालुओं में नाराजगी
जानकारी के अनुसार, सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, कल्पवासी एवं साधु-संत पहले ही मेले में पहुंचकर अपने-अपने आशियाने व तंबू लगाने लगे हैं। लेकिन समय नजदीक होने के बावजूद बिजली, पानी, आने-जाने के रास्तों एवं सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव श्रद्धालुओं को परेशान कर रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का विषय
इधर, गंगा नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोत्तरी ने साधु-संतों एवं कल्पवासियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मेला स्थल के समीप पहाड़ी क्षेत्र, जहां बड़ी संख्या में साधु-संत एवं कल्पवासी डेरा जमाए हुए हैं, वहां गंगा का पानी तेजी से बढ़कर आशियानों के काफी नजदीक पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर पानी भर जाने से श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल देखा गया।
साधु-संतों एवं कल्पवासियों ने आशंका जताई है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। उनका कहना है कि पानी उनके तंबुओं और आशियानों में घुस सकता है, जिससे भारी परेशानी खड़ी हो जाएगी।
बोरियां लगाकर पानी रोकने का प्रयास
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत शाहजहांपुर द्वारा गंगा के पानी को रोकने के लिए बोरियां लगवाई गई हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का कहना है कि यह व्यवस्था फिलहाल पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि जलस्तर और बढ़ा तो मौजूदा इंतजाम नाकाफी साबित हो सकते हैं।
फर्रुखाबाद क्षेत्र में ज्यादा अव्यवस्थाएं
हालांकि शाहजहांपुर जिला प्रशासन की ओर से मेले को लेकर कुछ व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन फर्रुखाबाद परिक्षेत्र में अभी भी अव्यवस्थाओं का आलम नजर आ रहा है। गंगा स्नान स्थल के नजदीक बेरी कटिंग, स्नान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बिजली-पानी तथा रास्तों की बदहाली श्रद्धालुओं के लिए नासूर बनी हुई है।
श्रद्धालु खुद संभाल रहे व्यवस्था
स्थिति यह है कि कुछ साधु-संत एवं श्रद्धालु अपने स्तर से ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं, ताकि कल्पवास में किसी प्रकार की बाधा न आए। बावजूद इसके, प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराजगी खुलकर सामने आ रही है।
एक माह तक चलता है ऐतिहासिक मेला
उल्लेखनीय है कि ढाई घाट शमशाबाद की पवित्र गंगा नदी के तट पर लगने वाला रामनगरिया मेला पूरे एक माह तक चलता है। इस मेले में फर्रुखाबाद के साथ-साथ कन्नौज, कानपुर, औरैया, इटावा, आगरा, एटा, मथुरा एवं अयोध्या सहित कई जनपदों से श्रद्धालु, साधु-संत, कल्पवासी और व्यापारी पहुंचते हैं। साधु-संत गंगा स्नान, गंगा मैया की आराधना एवं भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।


