लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव और उनकी पत्नी, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के रिश्तों में आई दरार अब सार्वजनिक बहस का विषय बन गई है। इंस्टाग्राम पर प्रतीक यादव की ओर से की गई विस्फोटक पोस्ट के बाद दूसरे दिन भी मामला शांत नहीं हुआ, हालांकि दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सोमवार को प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से दो पोस्ट साझा कर अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने अपर्णा को झूठा, स्वार्थी और पारिवारिक रिश्ते तोड़ने वाली बताया और जल्द तलाक लेने की बात कही। मंगलवार को प्रतीक यादव की ओर से कोई नई पोस्ट नहीं की गई, लेकिन पहले की गई दोनों पोस्ट सोशल मीडिया पर अब भी मौजूद हैं और इन्हें हजारों लोग देख और साझा कर रहे हैं।
दूसरी ओर अपर्णा यादव ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे रखी है। उन्होंने आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन मंगलवार को भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बधाई देते हुए इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट साझा की। इसे उनकी राजनीतिक सक्रियता और संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
परिवार की ओर से प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक होने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद दोनों विवादित पोस्ट अब तक डिलीट नहीं की गई हैं। न ही इस संबंध में किसी तरह की कानूनी या तकनीकी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। इससे सोशल मीडिया पर बहस और अटकलें तेज हो गई हैं।
अपर्णा यादव वर्ष 2022 में भाजपा में शामिल हुई थीं और वर्तमान में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं, जबकि प्रतीक यादव राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं। प्रतीक की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे निजी मामला बताकर सुलझाने की सलाह दे रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक संदर्भों से जोड़कर देख रहे हैं।
इधर, अपर्णा यादव के लखनऊ स्थित विक्रमादित्य आवास के बाहर मंगलवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। वह महिला आयोग के कार्यालय भी नहीं पहुंचीं और उनके या उनकी टीम की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। वहीं प्रतीक यादव की पोस्ट को लेकर भी अब तक कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। विवाद के बीच दोनों की चुप्पी और सोशल मीडिया गतिविधियां चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।





