शिवराज सिंह चौहान का लगातार बढ़ता कद, मिल सकता है सबसे बड़ा प्रमोशन

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यूथ इंडिया, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में NDA को जनादेश मिला। बहुमत सिद्ध करने के बाद NDA के घटक दलों के नेताओं ने अपना नेता मोदी को चुना। एक बार फिर से मोदी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। मोदी 3.0 की कैबिनेट भी तैयार हो चुकी है। नेताओं को मंत्री पद के लिए दिल्ली बुला लिया गया है। दिल्ली बुलाए गए नेताओं में सबसे बड़ा चेहरा जो है वह शिवराज सिंह चौहान का है। वैसे तो इससे पहले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राजनीतिक भविष्य को लेकर हर तरफ से अटकलें लगाई जा रही थीं। माना जा रहा था कि आने वाले लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। बता दें शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक भविष्य अब दिल्ली में ही होगा। उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर फोन आ चुका है। चौहान मोदी मंत्रिमंडल 3.0 का हिस्सा बनेंगे। अब देखने वाली बात है कि इस मोदी 3.0 की कैबिनेट में शिवराज के हिस्से में क्या आता है? क्या शिवराज सिंह चौहान को कोई बड़ा पद मिलेगा? अगर शिवराज को मंत्री पद मिलता है तो उन्हें कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी। मोदी कैबिनेट में अगर शिवराज को जगह मिलती है तो वह OBC का सबसे बड़ा चेहरा होंगे। 

शिवराज के साथ-साथ सिंधिया को भी आया कॉल

बता दें कि विधानसभा में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की जगह प्रदेश की कमान मोहन यादव की हाथों में सौंप दी गई थी। तभी से शिवराज सिंह चौहान के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। जानकारी के अनुसार, अब तक ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान को ही मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए कॉल आया है। इस बार शिवराज सिंह चौहान 6ठवीं बार सांसद बनने जा रहे हैं। उन्होंने विदिशा लोकसभा सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप भानु शर्मा को करीब 8 लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया है। शिवराज सिंह चौहान भाजपा के सबसे कद्दावर नेता हैं। वह सर्वाधिक समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। 6 बार वह विदिशा सीट से सांसद चुने जा चुके हैं।  

शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक सफर

आइए अब एक नजर शिवराज सिंह चौहान के राजनीतिक सफर पर डालते हैं। राजनीति में कदम रखने से पहले वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता के रूप में काम करते थे। मुख्यमंत्री बबने से पहले वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 

  • साल 1972 में वह 13 साल की उम्र में RSS से जुड़े। 
  • 1975 में मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। 
  • 1975-1976 में आपातकाल के दौरान भूमिगत आंदोलन में भाग लिया। 
  • 1976-1977 आंतरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत मीसाबंदी।      
  • 1977-1978 संगठन सचिव, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भोपाल
  • 1978-1980 संयुक्त सचिव, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, मध्यप्रदेश 
  • 1980-1982 महासचिव, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, मध्यप्रदेश
  • 1982-1983 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य,  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)
  • 1984-1985 संयुक्त सचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा, मध्यप्रदेश
  • 1985-1988 महासचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो)
  • 1988-1991 अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मध्यप्रदेश
  • 1991-1992 संयोजक, अखिल भारतीय केशरिया हिंदू वाहिनी
  • 1992 अध्योध्या में कार सेवा के दौरान जेल
  • 1992-1996  महासचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा
  • 1997-2000 महासचिव, भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश
  • 2000-2003 राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा
  • 2003-2005 राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय जनता पार्टी
  • 2005-2006 प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश
  • 2014-2022 सदस्य, भारतीय जनता पार्टी पार्लियामेंट्री बोर्ड
  • 2018 -20 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
  • 2019 भारतीय जनता पार्टी सदस्यता अभियान के प्रमुख

सरकार में विभिन्न पदों पर रहे

  • 1990 बुधनी विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक का चुनाव जीता
  • 1991 विदिशा संसदीय क्षेत्र से पहली बार सांसद का चुनाव जीता , (अटल जी द्वारा विदिशा सीट शिवराज जी को दी गई)
  • 1996 विदिशा संसदीय क्षेत्र से दूसरी बार सांसद का चुनाव जीता
  • 1998 विदिशा संसदीय क्षेत्र से तीसरी बार सांसद का चुनाव जीता
  • 1999 विदिशा संसदीय क्षेत्र से चौथी बार सांसद का चुनाव जीता
  • 2004 विदिशा संसदीय क्षेत्र से पांचवीं बार सांसद का चुनाव जीता
  • 2005, नवंबर में पहली बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला
  • 2006 बुधनी में विधानसभा का उपचुनाव जीता
  • 2008 बुधनी से तीसरी बार विधायक और दूसरी बार मुख्यमंत्री बने
  • 2013 में बुधनी और विदिशा, दो सीट से  चौथी बार विधायक बने और तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। (उन्होंने बाद में विदिशा सीट छोड़ दी)
  • 2018 बुधनी से पांचवीं बार विधायक चुने गये
  • 2020 चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने
  • 2023 बुधनी से छठवीं बार विधायक का चुनाव जीता
  • 2024 में विदिशा संसदीय क्षेत्र से देश में भारतीय जनता पार्टी के सर्वाधिक मतों से जीतने वाले सांसद बने, जहां मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस था

इतना बड़ा शिवराज सिंह चौहान का सियासी कद

  • 4 बार के मुख्यमंत्री (भारतीय जनता पार्टी के सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे)
  • 6 बार के विधायक
  • 6 बार के सांसद

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