रामनिवास यादव हत्याकांड : माफिया अनुपम दुबे को उम्रकैद की सजा

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27 साल बाद अपर जिला जज अष्टम रामअवतार प्रसाद की अदालत में हुआ न्याय

यूथ इण्डिया संवाददाता, फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद तैनात रहे इंस्पेक्टर रामनिवास यादव को अनवरगंज स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चला मौत के घाट उतारने वाले उस वक्त के कुख्यात बदमाश और यूपी के टॉप-टेन खूंखार अपराधी माफिया अनुपम दुबे को न्यायालय ने दोषी करार दे आजीवन सजा सुनाई है। वह इन दिनों आगरा जेल में निरूद्ध ईओडब्लू में तैनात रहे मेरठ निवासी रामनिवास अनवरगंज रेलवे स्टेशन को खड़ी ट्रेन में वर्ष 1996 में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था।

फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान दर्ज एक मुकदमें की विवेचना रामनिवास ने की थी। इसी मुकदमें में गवाही के लिये वह फर्रुखाबाद गए थे। ट्रेन से लौटते समय रास्ते में मौका पाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। जीआरपी थाने ने अनुपम दुबे के अलावा नेमकुमार उर्फ बिलईया और कौशल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। तीनों की गिरफ्तार न होने पर फरारी में ही उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी गई थी।

सीबीसीईडी ने भी मामले की विवेचना कर रिपोर्ट सौंपी थी। मामले की सुनवाई के दौरान बिलईया और कौशल की मौत हो चुकी है। अनुपम के गैरहाजिर रहने पर सीजेएम कोर्ट ने 2021 में कुर्की आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद अनुपम फर्रुखाबाद में दर्ज एक दूसरे मुकदमें में आत्मसमर्पण कर जेल चला गया था। फिर फर्रुखाबाद जेल में वारंट तामील कराकर उसे हाजिर किया गया था। एडीजीसी अरविंद डिमरी ने बताया कि मुकदमें में कुल 12 गवाहों पेश किये थे।

अभियोजन की ओर से 18 गवाह कोर्ट में पेश हुए थे जबकि कोर्ट बिटनेस के रूप में भी 4 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। इनमें से घटना के समय ट्रेन में मौजूद रहे एक गवाह मुलायम सिंह की गवाही महत्वपूर्ण रही। इसे चश्मदीद गवाह के रूप में पेश किया गया था। खूंखार अपराधी माफिया अनुपम दुबे को सजा सुनाने के दौरान फतेहगढ़ न्यायालय परिसर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में लिया गया था।

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार स्वयं पल-पल की अपडेट लेते रहे। अनुपम समर्थकों ने अपनी चुप्पी लगातार जारी रखी। कचहरी में अनुपम के समर्थन में गुरुवार को वकीलों की घेराबंदी शून्य रही। वहीं अनुपम का खास गुर्गा अवधेश मिश्रा न्यायालय की हर खबर से उसकी पत्नी मीनाक्षी दुबे को अवगत कराता रहा।

कई मुकदमों का आरोपी है अनुपम
फर्रुखाबाद। कई दशक तक जनपद और आसपास के जनपदों में भय और आतंक का पर्याय रहा कुख्यात अपराधी अनुपम दुबे चार दर्जन से भी ज्यादा संगीन अपराधों का आरोपी है। उसके खिलाफ अभी कई ऐसे मामले न्यायालयों में सुनवाई में गतिमान हैं। जिनमें लोग न्याय से वंचित हैं। इसके अलावा उसका एक भाई फरार है जबकि अन्य सलाखों के पीछे हैं। जिला प्रशासन ने उसकी पत्नी मीनाक्षी दुबे को कर्मचारी आचरण नियमावली के विरूद्ध काम करते सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। उसका करोड़ों का बेशकीमती होटल ध्वस्त किया जा चुका है। करीब 113 करोड़ की सम्पत्तियों को प्रशासन ने कुर्क किया है। कन्नौज में उसके द्वारा करीब दो सौ करोड़ की सरकारी सम्पत्ति को कब्जा करने के मामले की डीएम गहनता से जाँच करा रहे हैं।

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