लखनऊ| उत्तर प्रदेश विधानमंडल सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने अरावली पर्वत श्रृंखला और बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार को घेरा। सपा विधायक ने सदन में कहा कि अरावली जीवनदायिनी पर्वत श्रृंखला है, जिसे किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे इंसानों के साथ-साथ जीव-जंतुओं के अस्तित्व के लिए जरूरी बताते हुए “सेव अरावली सेव लाइफ” का नारा लगाया। इस दौरान सपा सदस्यों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा किए जाने की मांग को लेकर भी नारेबाजी की।
सपा विधायक ने कहा कि अरावली को बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि यह पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण के नाम पर लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सदन के अंदर भी सपा सदस्यों ने “सेव अरावली सेव लाइफ” के नारे लगाए और सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचा।
इसके साथ ही सपा सदस्य ने प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में प्रदूषण के कारण करीब 17 लाख लोगों की मौत हुई, जो बेहद चिंताजनक है। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिना स्थलीय निरीक्षण के ही एनओसी जारी कर देता है, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं।
इस पर संबंधित विभाग के मंत्री ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा और प्रदूषण को रोकना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि बीते तीन वर्षों में सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं और स्थिति बिगड़ी नहीं है, बल्कि प्रदूषण को काबू में किया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है और आगे भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।





