लखनऊ। विकासनगर सेक्टर-10 में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक बिल्डर द्वारा एग्रीमेंट के आधार पर बिना स्वीकृत नक्शे के अपार्टमेंट का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी बहुमंजिला या अपार्टमेंट निर्माण से पहले प्राधिकरण की अनुमति अनिवार्य होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 2800 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में अपार्टमेंट का निर्माण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह निर्माण न तो स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप है और न ही भवन निर्माण नियमावली का पालन किया जा रहा है।
आरोप है कि यह अवैध बिल्डिंग मोहम्मद उमैर की भूमि पर बनाई जा रही है। बिल्डर द्वारा खरीदारों से एग्रीमेंट कर फ्लैट बुक किए जा रहे हैं, जबकि निर्माण को लेकर किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति सार्वजनिक नहीं की गई है।
LDA की मिलीभगत का आरोप
सबसे गंभीर आरोप लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्राधिकरण की ओर से न तो निर्माण रुकवाया गया और न ही कोई सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जिससे मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।
शहर के जानकारों का कहना है कि बिना नक्शा और स्वीकृति के बने अपार्टमेंट में निवेश करने वाले लोग भविष्य में कानूनी कार्रवाई, सीलिंग और बिजली-पानी कनेक्शन जैसी समस्याओं में फंस सकते हैं। पहले भी लखनऊ में ऐसे कई मामलों में खरीदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि
अवैध निर्माण को तत्काल रोका जाए,संबंधित बिल्डर और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच व कार्रवाई हो,और भविष्य में इस तरह के अवैध निर्माणों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
फिलहाल LDA या जिला प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि शिकायतें सामने आने के बाद प्राधिकरण कब तक कार्रवाई करता है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।




