– सर्किट हाउस में डीएम एसपी समेत कई जिम्मेदारों के बीच हुई मंत्रणा
– मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस पर उनके ही विधायक सवाल दागने पहुंचे
– जान की परवाह किए बगैर पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर सवाल
फर्रुखाबाद। जिले में अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच एक नया सियासी मोड़ सामने आया है। कुख्यात माफिया चर्चित अनुपम दुबे के भाई डब्बन और उसके मैनपुरी के रिश्तेदार साथियों की पैरवी में से पूर्व मंत्री व भोगांव विधायक रामनरेश अग्निहोत्री के हस्तक्षेप की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
थाना मऊ दरवाजा में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में अनुपम के भाई समेत डब्बन, बब्बन 11 बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई चल रही है। इसमें डब्बन के साले मैनपुरी निवासी और उसके रिश्तेदार का नाम भी शामिल है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार दबिश, गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि कुख्यात अपराधियों के खिलाफ यह अभियान जोखिम भरा जरूर है, लेकिन कानून-व्यवस्था के लिए जरूरी है।
इसी बीच बीते गुरुवार फतेहगढ़ सर्किट हाउस में हुई बैठक ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पूर्व मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री ने संबंधित माफिया पक्ष की ओर से अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। इसे लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और सवाल उठाया है कि जब जिला प्रशासन जान जोखिम में डालकर कार्रवाई कर रहा है, तब सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता की यह पहल क्या संदेश देती है?
दूसरी ओर, प्रशासनिक हलकों में डीएम और एसपी की कार्यशैली की चर्चा है। लगातार गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे, कुर्की और दबिश से अपराध जगत में बेचैनी बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय बाद अपराधियों के खिलाफ इस स्तर की निर्णायक कार्रवाई दिखाई दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण केवल एक पैरवी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि “जीरो टॉलरेंस” बनाम “राजनीतिक हस्तक्षेप” की बहस को और तेज करेगा। फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन जिले की सियासत में यह मुद्दा गरमाता जा रहा है।
अपराध के खिलाफ प्रशासनिक अभियान और उसके बीच उभरती राजनीतिक गतिविधियां—दोनों मिलकर इस मामले को आने वाले दिनों में और बड़ा रूप दे सकती हैं।
अकेले रामनरेश को दर्द कटियार समाज को कोई आपत्ति नहीं
फर्रुखाबाद। थाना मऊ दरवाजा में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में दो कटियार नाम भी माफिया अनुपम दुबे के भाई बब्बन, डब्बन के साथ जुड़े हैँ इसके बावजूद कटियार समाज की ओर से किसी प्रकार की सार्वजनिक आपत्ति दर्ज नहीं की गई है। उनके समाज के लोगों ने सांप कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती अपराध किया है तो सजा भुगतनी होगी, जिला प्रशासन की कार्रवाई अपनी प्रक्रिया के तहत जारी है।
लेकिन सजातीय गुंडों हो रही कार्रवाई का दर्द भोगांव विधायक व पूर्व मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री कुछ ज्यादा है और मैं पर भी करने के लिए मैनपुरी से फर्रुखाबाद तक चले आए ,स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि जब कुर्मी समाज की ओर से कोई विरोध नहीं है, तब राजनीतिक स्तर पर इन्हे इतनी बेचैनी क्यों दिखाई दे रही है।


