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Wednesday, April 8, 2026

माफिया अनुपम दुबे पर शिकंजा बरकरार: जमानत के बावजूद भाइयों की रिहाई से पहले जेल में तामील हुए बी-वारंट,

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फर्रुखाबाद/मैनपुरी। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में जमानत मिलने के बाद रिहाई की उम्मीद कर रहे माफिया अनुपम दुबे के गंगेस्टर भाई अनुराग दुबे डब्बन पर पुलिस ने एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है। बीते दिन रिहाई से ठीक पहले मैनपुरी पुलिस ने मथुरा जेल और फर्रुखाबाद जिला जेल पहुंचकर अनुपम दुबे और उसके भाइयों के खिलाफ बी-वारंट तामील करा दिया, जिससे उसकी जेल से रिहाई फिलहाल टल गई है।
जानकारी के अनुसार, अनुपम दुबे इस समय मथुरा जेल में बंद है और अनुराग दुबे डब्बन, व अमित दुबे बब्बन फर्रुखाबाद जिला जेल में बंद हैँ गैंगस्टर के मामले में दोनों भाइयों को जमानत मिल चुकी थी। जैसे ही उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई, उसी दौरान मैनपुरी पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दूसरे मामले में बी-वारंट जारी कराकर जेल में ही तामील करा दिया। इस कार्रवाई के चलते अब उसे नए मुकदमे में पेशी के लिए हिरासत में रखा जाएगा। बताना जरूरी है कि माफी अनुपम दुबे और उसके भाइयों समेत गगन अपने ही सगे चाचा बच्चा जी को गोली यो से भून मौत के घाट उतार दिया था, जिस मामले में मैनपुरी पुलिस दोवारा विवेचना कर रही है।
इतना ही नहीं, पुलिस ने अनुपम दुबे के भाइयों बब्बन के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई करते हुए बी-वारंट तामील कराए हैं। दोनों पहले से ही विभिन्न मामलों में जेल में निरुद्ध हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को माफिया नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि आरोपी जमानत का लाभ उठाकर बाहर न आ सके और लंबित मामलों में उसकी कानूनी प्रक्रिया जारी रहे। पुलिस का मानना है कि ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ अन्य मुकदमों में कार्रवाई जारी रखना जरूरी है, जिससे कानून का प्रभाव बना रहे।
इस घटनाक्रम से साफ है कि पुलिस अब माफियाओं के खिलाफ ढिलाई के मूड में नहीं है और लगातार कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल कर उन्हें सलाखों के पीछे रखने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद जिले में एक बार फिर माफिया के खिलाफ सख्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल, मैनपुरी पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि जमानत मिलना अंतिम राहत नहीं है, बल्कि लंबित मामलों में कानून का शिकंजा लगातार कसता रहेगा।

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