वाराणसी: जिले में बिजली विभाग के कर्मियों द्वारा निजीकरण (power privatisation)के विरोध में चलाए जा रहे आंदोलन (movement) के गुरुवार को 400 दिन पूरे हो गए। इस अवसर पर बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया।
बिजली कर्मियों का कहना है कि निजीकरण से न केवल कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे, बल्कि उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कार्यस्थलों पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया और निजीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। बिजली कर्मियों ने सरकार से संवाद स्थापित कर समस्या का समाधान निकालने की अपील की है, ताकि विभाग और उपभोक्ताओं दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।


