अमृतपुर/फर्रुखाबाद: न खायेंगे न खाने देंगे।फिर भृष्टाचार की निहास पर सरकारी इमारतों का निर्माण किसके इसारे पर हो रहा है।केंद्र ब प्रदेश सरकार मनरेगा ब जिला पूर्ति विभाग के बजट से अन्नपूर्णा भवन (Annapurna Bhawan) का कार्य पूर्ण करवा रही है। अन्नपूर्णा भवन 484 वर्गफीट क्षेत्रफल का निर्माण होता है। जिसकी लागत 8 लाख 42 हजार खर्च होता है। इसके बावजूद भी ग्राम प्रधान अन्नपूर्णा भवन को अपूर्ण छोड़ देते हैं। ऐसा ही एक मामला जनपद फर्रुखाबाद के विकासखंड राजेपुर की ग्राम पंचायत रतनपुर पमारान का है।
जहाँ अधिकारियों ने अधूरे मानकों की अन्नपूर्णा दुकान को कोटेदार के हैंडोवर कर दिया। लेकिन दुकान के सामने ना तो मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य कराया गया औऱ न साफ सफाई। जिससे कार्ड लाभार्थियों को राशन लेने में दिक्कतो का सामना करना पड़ता है। जब इस संबंध में कोटेदार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा कई बार एसडीएम साहब को अवगत कराया गया। बीडीओ राजेपुर से भी कोटेदार द्वारा कहा गया तो उन्होंने कहा कि अभी बजट नहीं है मिट्टी का कार्य स्वयं करवा लीजिए।
एपीओ राशिद अली से जब फोन से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि परमिशन न मिल पाने से मिट्टी नहीं पड पा रही है। जबकि उन्होंने एक बार पहले भी यही बात कही थी। एपीओ द्वारा कहा गया कि मैंने सचिव मनीष यादव को अवगत कराया था कि वहां पर मिटटी कार्य करवा दीजिए।ऐसी स्थिति मेंअन्नपूर्णा भवन तक उपभोक्ता कैसे पहुँच पायेगा।