कानपुर/बिल्हौर: राष्ट्रीय एससी-एसटी आयोग की सदस्य और पूर्व सांसद अंजू वाला (Anju Vala) ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए साफ किया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव बिल्हौर (Bilhaur) से अवश्य लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 के चुनाव में उन्हें पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिल सका था, जिसके कारण वह चुनावी मैदान में नहीं उतर पाईं।
अंजू वाला ने कहा कि टिकट न मिलने के बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखी और पार्टी कार्यकर्ता के रूप में भी कोई भूमिका नहीं निभाई। हालांकि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और उन्होंने अगला चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ने का मन बना लिया है।
उन्होंने कहा, “2019 में मुझे अवसर नहीं मिला, लेकिन अब मैं पूरी तैयारी के साथ जनता के बीच जाऊंगी। बिल्हौर की जनता से मेरा पुराना रिश्ता है और मुझे विश्वास है कि लोग मेरे साथ खड़े होंगे।”
सामाजिक मुद्दों को बनाएंगी चुनाव का आधार
एससी-एसटी आयोग की सदस्य के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए अंजू वाला ने कहा कि उन्होंने समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं को बेहद करीब से देखा है। अगर उन्हें जनता ने मौका दिया, तो वह सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को अपनी प्राथमिकता बनाएंगी।
बिल्हौर की राजनीति में हलचल
अंजू वाला के इस ऐलान के बाद बिल्हौर की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इसे एक अहम संकेत माना जा रहा है, क्योंकि उनका नाम पहले भी क्षेत्र की राजनीति में प्रभावशाली रहा है। माना जा रहा है कि उनके चुनाव लड़ने से समीकरणों में बदलाव आ सकता है।
अंजू वाला ने संकेत दिए कि जल्द ही वह क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगी और सीधे जनता से संवाद कर अपनी प्राथमिकताएं रखेंगी। उन्होंने कहा कि “चुनाव केवल जीत-हार नहीं, बल्कि जनता की आवाज बनने का माध्यम है।” उनके इस ऐलान के बाद समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं विरोधी दलों ने भी अपनी रणनीतियां तेज करनी शुरू कर दी हैं।


