अलीगढ़
स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सर जियाउद्दीन (एसजेड) हॉल का कमरा नंबर Z-34 संदिग्ध गतिविधियों के चलते जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। यहां से मैग्जीन, कारतूस, नकली नोट और फर्जी दस्तावेज बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। यह मामला विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक, फायरिंग के आरोपी छात्र शहबाज की तलाश में पुलिस जब हॉस्टल पहुंची तो कमरे में ताला लगा मिला। तलाशी के दौरान कमरे से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इसमें हथियारों के कारतूस, नकली नोट और कई फर्जी दस्तावेज शामिल हैं, जिससे आपराधिक गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस कमरे में शहबाज के अलावा दो अन्य छात्र—आकिल (बरेली) और मुदस्सिर (मुरादाबाद)—भी रह रहे थे। पुलिस ने मुदस्सिर और उसके एक अन्य साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि शहबाज और आकिल फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
बरामद सामान में 26 तरह के दस्तावेज शामिल हैं, जिनमें अलग-अलग जन्मतिथियों वाली मार्कशीट, आधार, पैन कार्ड, पासपोर्ट और अन्य प्रमाणपत्र शामिल हैं। इसके अलावा 8 मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकली नोट और विभिन्न बोर के कारतूस व मैग्जीन भी मिले हैं। इन सबके आधार पर फर्जी दस्तावेज बनाने और अवैध गतिविधियों में संलिप्तता की आशंका मजबूत हुई है।
पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है और उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया एजेंसियां भी मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क को लेकर और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


