नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि परिवारवाद की राजनीति देश और उत्तर प्रदेश दोनों के विकास में सबसे बड़ी बाधा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन पार्टियों का उद्देश्य केवल एक परिवार का हित साधना हो, वे कभी भी जनता के व्यापक कल्याण के लिए ईमानदारी से काम नहीं कर सकतीं।
एक जनसभा/कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने लंबे समय तक परिवारवादी शासन का दंश झेला है, जहां सत्ता का इस्तेमाल जनता की सेवा के बजाय अपने रिश्तेदारों और करीबियों को आगे बढ़ाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह हुआ कि प्रदेश विकास, कानून-व्यवस्था और रोजगार के मामलों में पिछड़ता चला गया।
अमित शाह ने कहा कि आज देश और उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह विकास और सुशासन की राजनीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जाति, परिवार और तुष्टिकरण की राजनीति से ऊपर उठकर गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के हित में फैसले लिए हैं।
उन्होंने कहा,“परिवारवादी पार्टियां केवल अपने परिवार की चिंता करती हैं, जबकि हमारी सरकार हर परिवार की चिंता करती है।”
उत्तर प्रदेश में बदली तस्वीर
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुआ है, निवेश बढ़ा है और युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां माफिया और अपराधी खुलेआम घूमते थे, वहीं अब कानून का राज स्थापित हुआ है।
अमित शाह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे विकास, सुरक्षा और सुशासन के मुद्दे पर वोट दें, न कि परिवार और जाति के नाम पर। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति से ही देश और प्रदेश को आगे बढ़ाया जा सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख इंजन बनेगा और इसमें जनता की जागरूक भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।


