अमित शाह की अपील पर विपक्ष ने जमकर पलटा हमला, नेता बोले अब राजनीति में नया वीसी है: वोट चोरी

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पटना| केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी अपील पर विपक्ष ने तीखा प्रहार कर दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि सरकार की भूमिका और केंद्रीय ताकतों के सहारे यह चुनाव जीता जाना चाहा जा रहा है। जयराम ने कहा कि अब राजनीतिक भाषा में ‘वीसी’ का मतलब वोट चोरी बन गया है और ‘वीआर’ का मतलब वोट रेवड़ी। जनता इन चालों को समझ चुकी है और इस बार इन गोरखधंधों को नाकाम कर देगी।

जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में कहा कि शिक्षा क्षेत्र में ‘वीसी’ का अर्थ उपकुलपति होता है, नवप्रवर्तन की दुनिया में यह उद्यम पूंजी है और सेना में वीर चक्र है। लेकिन अब राजनीति में एक नया ‘वीसी’ आ गया है जिसका पूरा नाम वोट चोरी है। उनका आरोप था कि इस नये खेल के सूत्रधारों ने बिहार में वोट चुराने का लक्ष्य भी घोषित कर दिया है।

गृहमंत्री अमित शाह ने अररिया सभास्थल पर नेता प्रतिपक्ष पर भी हमला बोलते हुए कहा था कि कुछ राजनीतिक दल और उनके सहयोगी बिहार में घुसपैठियों को मतदान का अधिकार दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने आत्मविश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यदि गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत मिलता है — यानी कुल सीटों में से 160 से अधिक — तो हर एक घुसपैठिए को राज्य से बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा था और इस बार और बेहतर परिणाम लाने की आवश्यकता है ताकि 160 से अधिक सीटों का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

विपक्ष ने इस दावे का जवाब दिया है और जयराम रमेश ने आश्वासन दिया कि बिहार में महागठबंधन की जीत सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस जीत का पहला झटका राष्ट्रीय राजधानी में महसूस किया जाएगा। जयराम ने दावा किया कि बिहार की जनता राजनीतिक सूझ-बूझ रखती है और वे किसी भी तरह की धांधली या वोट रेवड़ी के जाल को चूर-चूर कर देंगे।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि दोनों पक्षों की यह तीखी बयानबाजी अगले कुछ दिनों में चुनाव प्रचार को और गर्मा देगी। बिहार की सियासी हलचल और मतदाताओं की प्रतिक्रियाएं तय करेंगी कि कौन सी रणनीति कारगर साबित होती है बड़े रैलियों से उठती आवाज़ या जमीन पर संसाधनों और समर्थन के चलते चलने वाली राजनीति।

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