बरेली में एलपीजी गैस सिलिंडरों को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने गैस एजेंसियों पर कड़ी निगरानी रखने और कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद की तीनों तेल और गैस कंपनियों तथा आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि जिले में एलपीजी सिलिंडर, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही जानकारी दी गई कि नए नियम के तहत गैस सिलिंडर की रिफिल अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। कालाबाजारी रोकने के लिए अब ओटीपी आधारित वितरण व्यवस्था भी लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसियों के दैनिक स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और क्षेत्र में भ्रमण कर समय-समय पर जांच की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी न हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनपद में गैस सिलिंडर की आपूर्ति और वितरण पूरी तरह सामान्य है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
डीएम ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। जनहित में कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी किए गए हैं, जहां उपभोक्ता अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए एजेंसी या गोदाम जाने की आवश्यकता नहीं है। उपभोक्ता फोन कॉल, मिस्ड कॉल, व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन माध्यमों जैसे पेटीएम, अमेजॉन, गूगल पे और फोनपे के जरिए घर बैठे ही आसानी से सिलिंडर बुक कर सकते हैं। बैठक में एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह, उपजिलाधिकारी तृप्ति और जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


