वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी कार्रवाई को लेकर अमेरिकी रक्षा तंत्र सक्रिय हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन ने जरूरत पड़ने पर ईरान में ग्राउंड ट्रूप्स भेजने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। हालांकि, अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि यह योजना तभी लागू होगी, जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दी जाती है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
व्हाइट हाउस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सेना भेजने का कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पेंटागन का काम हर परिस्थिति के लिए तैयारी रखना है, न कि तुरंत कार्रवाई करना।
इस बीच, युद्ध के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस्राइल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान भी पलटवार कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यह संघर्ष अब कई हफ्तों से जारी है और इसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी ईरान के निशाने पर बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना संभावित ऑपरेशन के दौरान बंदियों को रखने और हिरासत में लेने की तैयारियां भी कर रही है। इसके लिए स्थान और संसाधनों पर चर्चा जारी है।
सैन्य मोर्चे पर 82वीं एयरबोर्न डिवीजन को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनाती की जा सके।
इसके अलावा यूएस मरीन कॉर्प्स की टुकड़ियां भी तेजी से पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रही हैं। बताया जा रहा है कि हजारों मरीन सैनिक पहले ही रवाना हो चुके हैं।
हाल ही में करीब 2,200 मरीन सैनिकों के साथ तीन नौसैनिक जहाज कैलिफोर्निया से पश्चिम एशिया के लिए भेजे गए हैं, जो इस संभावित सैन्य कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाता है।
इन सभी तैयारियों से साफ है कि अमेरिका इस समय हर स्थिति के लिए खुद को मजबूत कर रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय पूरी तरह से राजनीतिक नेतृत्व पर निर्भर करेगा।


