कहा :अपनी हार को समझौता न बताएं
नई दिल्ली मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के संघर्ष-विराम प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फगारी ने अमेरिकी प्रयासों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि अमेरिका अपनी हार को समझौते का नाम देने की कोशिश कर रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की ओर से पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15-सूत्रीय संघर्ष-विराम योजना भेजे जाने की खबरें सामने आई हैं।
जोल्फगारी ने अपने बयान में अमेरिका की आंतरिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या आपके आंतरिक मतभेद इस हद तक पहुंच गए हैं कि अब आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं?” उनका यह बयान सीधे तौर पर अमेरिकी नीति और उसके निर्णयों पर निशाना माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कड़ा रुख इस बात का संकेत है कि वह किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव में आने को तैयार नहीं है। अमेरिका द्वारा प्रस्तावित संघर्ष-विराम योजना को लेकर ईरान पहले से ही सख्त रुख अपनाए हुए है और उसे अपनी संप्रभुता में हस्तक्षेप के रूप में देख रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान के माध्यम से यह प्रस्ताव भेजा था, जिसमें कई रणनीतिक और सैन्य बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, ईरान की ओर से जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई है, उससे यह साफ हो गया है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार के समझौते की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव, प्रतिबंधों और कूटनीतिक टकराव के चलते स्थिति और जटिल होती जा रही है। ऐसे में किसी भी शांति पहल के सफल होने के लिए दोनों पक्षों को आपसी भरोसा कायम करना होगा, जो वर्तमान परिस्थितियों में काफी चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रहा है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि मध्य पूर्व में अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।


