लखनऊ
राजधानी के अमौसी ज़ोन में तैनात मुख्य अभियंता महफूज आलम को लापरवाही, नियमों की अनदेखी और मनमानी करने के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल की पहल पर की गई है। निलंबन के बाद महफूज आलम को तुरंत प्रभाव से आगरा स्थित दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, महफूज आलम के कार्यकाल में अमौसी ज़ोन में कई मामलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। कर्मचारियों, उपभोक्ताओं और स्थानीय नागरिकों की लगातार शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया गया। न केवल बिजली आपूर्ति में व्यवधान और विलंब के मामले सामने आए, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी लापरवाही और नियमों की अवहेलना की गई।
इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की जाएगी, जो महफूज आलम के पूरे कार्यकाल की विस्तृत समीक्षा करेगी और उनकी कथित लापरवाही के सभी पहलुओं का विश्लेषण करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर पावर कॉरपोरेशन यह तय करेगा कि किन अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने स्पष्ट किया कि निगम में पारदर्शिता, नियमों का पालन और जनता के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की मनमानी, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय कर्मचारियों और जनता के अनुसार, अमौसी ज़ोन में पिछले कई महीनों से बिजली आपूर्ति में व्यवधान, कनेक्शन संबंधी समस्याएं और प्रशासनिक कामकाज में देरी की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। महफूज आलम के निलंबन से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि विभाग में जिम्मेदारी और जवाबदेही को गंभीरता से लिया जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और अमौसी ज़ोन के प्रशासनिक कामकाज में सुधार के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। यह कदम भविष्य में बिजली वितरण सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करेगा, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं और समय पर बिजली आपूर्ति मिल सके।


