शाहजहांपुरl
जलालाबाद कस्बे में स्थित प्राचीन बाबा परशुराम मंदिर और उसके समीप बने रामताल तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा सरकार के केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार विभागीय इंजीनियर और ठेकेदार को निर्धारित समयावधि में विकास कार्य पूरा करना था, लेकिन अब तक कार्य अधूरा है। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि लापरवाही या घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि बाबा परशुराम मंदिर को वर्षों बाद पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद रामताल तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया गया था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया था। निरीक्षण के समय उन्होंने नगर का गंदा पानी नालों के माध्यम से रामताल में गिरने पर कड़ी नाराजगी जताई थी और स्पष्ट निर्देश दिए थे कि नगर के बाहर नालों के पानी की दिशा बदली जाए।
हालांकि आरोप है कि नगर पालिका परिषद और संबंधित इंजीनियरों ने केंद्रीय मंत्री के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। नगर का गंदा पानी नालों के बजाय पाइप लाइन के माध्यम से नाम मात्र की रोक दिखाते हुए अब भी रामताल में ही छोड़ा जा रहा है। इससे तालाब के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर सवाल उठ रहे हैं और यह पूरा प्रयास केवल दिखावे तक सीमित नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो रामताल का सौंदर्यीकरण केवल कागजों तक ही सिमट कर रह जाएगा। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या विभागीय इंजीनियर, ठेकेदार और नगर पालिका परिषद जलालाबाद द्वारा भाजपा सरकार के केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। मामले को लेकर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।


