लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार पर मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पीडीए और विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के वोट कटवाने की साजिश कर रही है। फॉर्म-7 के माध्यम से वोटों की चोरी की जा रही है और निर्वाचन आयोग इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार वोट काटकर चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की एक गुप्त बैठक में यह तय किया गया कि हर विधानसभा क्षेत्र में वोट कटवाए जाएंगे। कन्नौज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां एक नेता ने बयान दिया था कि ज्यादा पढ़ा-लिखा व्यक्ति कभी-कभी गलती कर देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को आभास हो चुका है कि इस बार उत्तर प्रदेश का चुनाव वह नहीं जीत पाएगी, इसलिए इस तरह की हरकतें की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सकलडीहा विधानसभा में फॉर्म-7 के 16 आवेदन जमा किए गए, जबकि बाबागंज विधानसभा के बूथ संख्या 365 पर फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 100 वोट कटवा दिए गए। यहां तक कि समाजवादी पार्टी के एक बीएलए का भी नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। इसे उन्होंने सीधी साजिश करार देते हुए कहा कि असली वोटरों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि औरैया नगर अध्यक्ष का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया। इसके अलावा बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र से सपा विधायक की पत्नी का नाम भी सूची से काट दिया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को उलझाए रखने और कमजोर करने की यह रणनीति है।
अयोध्या का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक बूथ पर 181 नोटिस जारी हुए, जिनमें से 76 प्रतिशत पीडीए समाज को मिले। इनमें 46 प्रतिशत नोटिस यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों को दिए गए। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में सपा ने 47 फॉर्म-7 भरे, जबकि भाजपा की ओर से लगभग एक हजार आवेदन दिए गए।
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने एक करोड़ वोट बढ़वाए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर से पहले पूरा देश परेशान था और अब भाजपा खुद परेशान नजर आ रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और हर बात का जवाब देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी वोट में किसी भी प्रकार का घोटाला नहीं होने देगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।


