प्रयागराज: प्रदेशभर में कोडीन युक्त कफ सिरप (Cough syrups containing codeine) की तस्करी और अवैध बिक्री से जुड़े बड़े सिंडिकेट के आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर 15 दिसंबर तक रोक लगा दी है। अदालत ने अगली सुनवाई सोमवार, 15 दिसंबर को निर्धारित की है।सरगना शुभम जायसवाल को भी राहत मिल गई।
इस मामले के मुख्य आरोपी और फरार चल रहे शुभम जायसवाल ने भी हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने उसे भी अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। शुभम पर कई जिलों में अवैध कोडीन सिरप की सप्लाई, भंडारण और नेटवर्क संचालित करने के आरोप हैं। शुभम के अलावा भोला प्रसाद समेत कई अन्य आरोपियों ने कोर्ट में गुहार लगाई है। इन सभी ने बहस के दौरान कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे गलत, द्वेषपूर्ण और तथ्यहीन हैं।
याचिकाकर्ताओं ने अपने आवेदन में एक से अधिक जिलों में दर्ज FIR को चुनौती दी है। इन FIR में तस्करी, अवैध व्यापार, नशीले पदार्थों की आपूर्ति और संगठित अपराध से जुड़ी धाराएँ लगाई गई हैं। याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांगें हैँ कि दर्ज FIR को रद्द किया जाए, पुलिस की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए,
जांच को निष्पक्ष तरीके से कराने के निर्देश दिए जाएँ। जांच एजेंसियों के अनुसार कोडीन सिरप सिंडिकेट कई जिलों में सक्रिय था। भारी मात्रा में नशीला सिरप अवैध रूप से भेजने और बेचने का नेटवर्क चल रहा था। पिछले महीनों में अनेक जिलों में छापे पड़े और बड़ी मात्रा में कफ सिरप बरामद हुआ, जिसके बाद मुकदमे दर्ज हुए। अदालत की अंतरिम राहत के चलते पुलिस अब फिलहाल गिरफ्तारी नहीं कर सकेगी। 15 दिसंबर की सुनवाई इस पूरे मामले के भविष्य को तय करेगी—क्या FIR रद्द होंगी या जांच आगे बढ़ेगी।


