लखनऊ । बसपा सुप्रीमो मायावती ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि इस परियोजना के सभी बुनियादी काम उनकी सरकार के समय ही पूरे हो चुके थे। उन्होंने केंद्र में रही कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि उस समय कांग्रेस ने इस पर रोड़ा न डाला होता, तो यह एयरपोर्ट काफी पहले जनता के लिए तैयार हो गया होता।
मायावती ने अपने बयान में कहा, “काफी लंबे इंतजार के बाद जेवर में नोएडा इंटरनेशनल हवाई अड्डे का प्रथम चरण उद्घाटन हुआ, जबकि इसकी रूपरेखा और सभी ज़रूरी बुनियादी कार्य मेरी सरकार में ही शुरू हो गए थे।” उन्होंने आगे कहा कि “इतना ही नहीं, यदि उस समय केंद्र में रही कांग्रेस पार्टी ने रोड़ा नहीं अटकाया होता, तो विकास का यह कार्य, यमुना एक्सप्रेसवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की तरह, काफी पहले मेरी सरकार में ही पूरा हो गया होता।”
सपा सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उनका अधिकांश समय उत्तर प्रदेश की गरीबी और पिछड़ेपन को दूर करने के बजाय बीएसपी सरकार द्वारा समाज के कमजोर तबकों के हित, कल्याण और उनके उत्थान हेतु लिए गए ऐतिहासिक फैसलों और किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को निष्क्रिय करने में बीता। साथ ही, बहुजन समाज में जन्मे महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के आदर-सम्मान में निर्मित शिक्षण एवं मेडिकल संस्थानों, जिलों के नाम, स्मारकों और पार्कों की अनदेखी और उपेक्षा भी हुई। उन्होंने इसे नकारात्मक, जातिवादी और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया, जो किसी से भी छिपा नहीं है।
मायावती ने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील की कि वे विपक्षी पार्टियों की छलावापूर्ण राजनीति और बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश और समाज के विकास के लिए बीएसपी के ‘सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांतों और पार्टी के मजबूत नेतृत्व पर ही भरोसा करना चाहिए।
साथ ही उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की अलग बेंच और अलग प्रदेश बनाने की संभावना पर भी सवाल उठाया, यह कहते हुए कि “यह सपना कब पूरा होगा, कोई नहीं जानता।” इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया।
मायावती का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस और सपा सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए और बीएसपी के योगदान को प्रमुखता से उजागर किया। अब यह देखने की बात होगी कि जनता इस बयान और बीएसपी की उपलब्धियों को आगामी चुनावी राजनीति में कैसे देखती है।


