लखनऊ: समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बुधवार को प्रयागराज माघ मेले (Magh Mela) को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य का प्रयागराज की पवित्र भूमि से स्नान किए बिना लौटना अत्यंत अशुभ घटना है, जिससे न केवल पूरे सनातन धर्म समुदाय को ठेस पहुंची है, बल्कि वे चिंतित भी हैं।
अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बुधवार को पोस्ट करते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि यदि भाजपा और उसके सहयोगी चाहते तो वे अपने ‘सत्ता के अहंकार’ को त्यागकर स्वयं पालकी त्रिवेणी संगम तक ले जा सकते थे और संत को पवित्र स्नान कराकर उन्हें उचित सम्मान दे सकते थे। लेकिन ‘सत्ता के अहंकार’ ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
उन्होंने कहा कि संतों की भावनाओं को ठेस पहुँचाकर कोई सुख नहीं पा सकता। ”गलती करने से भी बड़ी गलती क्षमा न माँगना है। संतों को दिए जाने वाले सम्मान से बड़ा कोई राजनीतिक पद नहीं हो सकता। भाजपा सनातन धर्म के प्रति सच्ची निष्ठा नहीं रखती और आज सनातन धर्म का हर अनुयायी अत्यंत दुखी है।”
संसद अध्यक्ष ने यह भी कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा डालना महाकाव्यों के मूल संदेश के विपरीत है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अहंकार का दंड अवश्य मिलेगा और कहा, “एक संत को आहत करना सत्ता का अंत है।”


