PDA, बेरोजगारी और SIR प्रक्रिया पर केंद्र और यूपी सरकार पर बोला तीखा हमला
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे “वोट बढ़ाने का नहीं, वोट काटने का तरीका” बताया।
अखिलेश यादव ने कहा, “हम लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं और संविधान के तहत PDA समाज को न्याय मिले यही हमारी लड़ाई है। बाबा साहब ने हमें मतदान का हक दिया, लेकिन बीजेपी उत्तर प्रदेश में पराजय के बाद बेचैनी में है।”
उन्होंने SIR प्रक्रिया में जल्दबाज़ी पर भी सवाल उठाए।
“हमने पूछा कि इतनी जल्दी क्यों? चुनाव में अभी समय है। सरकार समय क्यों नहीं देना चाहती? हम चाहते हैं कि SIR ईमानदारी से हो, न कि जल्दबाज़ी में। BLO की मौत भी क्या किसी ड्रामे का हिस्सा थी?” उन्होंने कहा।
बीजेपी पर हमला जारी रखते हुए अखिलेश ने कहा कि “बिहार की जनता का बीजेपी पर बड़ा उधार है। विपक्ष ड्रामा नहीं करता, बल्कि ड्रामा करने वालों को रोकता है। हम अपना वोट बचाने के लिए लड़ रहे हैं।”
उन्होंने आगामी चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया—
“इस बार उल्टी गंगा बहेगी। जो सोच रहे हैं कि SIR के बहाने वोट कटवा लेंगे, उन्हें समझ लेना चाहिए कि जनता बहुत जागरूक है। 2024 में जिसने हिसाब किया है, 2027 में और मजबूत हिसाब करेगी।”
बेरोजगारी को लेकर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा।
“मुख्यमंत्री कहते हैं कि नौकरियों की बारिश हो रही है, लेकिन बेरोजगारी में यूपी सबसे आगे है। सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर भी यहीं के हैं।”
अखिलेश के इन बयानों से साफ है कि SIR प्रक्रिया, PDA और रोजगार का मुद्दा आने वाले समय में यूपी की राजनीति का बड़ा विषय बनने जा रहा है।


