लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “प्रोपेगंडा की सरकार” करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए एमओयू (समझौते) ऐसी कंपनियों से हुए हैं जिनका कोई ठोस आधार नहीं था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिटलर के दौर में एक प्रोपेगंडा मंत्री होता था, लेकिन वर्तमान सरकार में हर मंत्री ही प्रोपेगंडा मंत्री बन गया है।
अखिलेश यादव ने जनता की परेशानियों को मुद्दा बनाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में लोगों को सुविधाओं के बजाय सिर्फ “लाइन” ही मिली है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो समस्याएं आज सामने आ रही हैं, उनकी कोई तैयारी सरकार ने पहले क्यों नहीं की।
सपा प्रमुख ने सामाजिक समीकरणों पर भी जोर देते हुए कहा कि भाजपा पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि जितनी जनता की पीड़ा बढ़ेगी, उतना ही पीडीए मजबूत होगा और आने वाले समय में इसका असर चुनावों में दिखेगा।
महंगाई को लेकर उन्होंने सरकार पर व्यंग्य करते हुए कहा कि “एक कचौड़ी, एक समोसा, अब गैस पर न रहा भरोसा”, जिससे आम आदमी की आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसमें पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्ग की महिलाओं को भी समान भागीदारी मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि सभी जातियों की गणना होनी चाहिए और आबादी के आधार पर उन्हें हक और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार बनने पर समाजवादी पेंशन योजना फिर से शुरू की जाएगी, छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे और गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए “स्त्री समृद्धि योजना” के तहत 40 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह दुनिया की पहली ऐसी राजनीतिक पार्टी है जो विरोधियों की छवि खराब करने के लिए पैसे खर्च करती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर रिवर फ्रंट पर सम्राट अशोक की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
भाजपा सरकार पर अखिलेश यादव का तीखा हमला, कहा—जनता को मिली सिर्फ लाइन, पीडीए से घबराई सत्ता


