भुवनेश्वर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भूबनेश्वर (Bhubaneswar) में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश की हेल्थ सर्विसेज समय-समय पर फेल होती रही हैं और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। अखिलेश यादव ने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि स्वास्थ्य का मूल आधार प्रिवेंटिव केयर है। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए तो बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इलाज पर जोर देने के बजाय सरकार को बीमारी रोकने की नीति पर काम करना चाहिए।
उन्होंने स्वच्छता और अवॉर्ड सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई शहरों को पुरस्कार जरूर मिलते हैं, लेकिन वहां पानी और पर्यावरण की स्थिति खराब है, जो सीधे लोगों की सेहत को प्रभावित करती है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में इमरजेंसी हेल्थ सर्विसेज की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। एम्बुलेंस, ट्रॉमा केयर और आपातकालीन इलाज जैसी व्यवस्थाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। योग और स्वास्थ्य अभियानों को लेकर उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े भाषण तो दिए जा रहे हैं, लेकिन स्कूल और कॉलेजों में ऐसा कोई मजबूत सिस्टम नहीं है, जिससे बच्चों में शुरू से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।
अखिलेश यादव ने कहा कि आत्म-जागरूकता से व्यक्ति अपनी बीमारियों के कारणों को पहचान सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुधार के लिए इसे जनांदोलन बनाना होगा और लक्ष्य यह होना चाहिए कि लोग बीमार ही न हों।अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि “हेल्थी इंडिया कोई स्लोगन नहीं, बल्कि एक मिशन होना चाहिए।”


