– कहा— पूजनीय शंकराचार्य केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार हैं; उन्हें बदनाम करना सनातन का अपमान
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पूजनीय शंकराचार्य केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार और परंपरा का प्रतीक हैं, जिनका सनातन धर्म में अत्यंत सम्मानित स्थान है।
अखिलेश यादव ने कहा कि देश और समाज में गाय की पूजा और सनातन परंपराओं के सम्मान की भावना सदियों से चली आ रही है, और हर व्यक्ति चाहता है कि इन परंपराओं का आदर बना रहे। लेकिन जिस तरह से हाल के दिनों में शंकराचार्य को लेकर बयानबाजी और विवाद खड़े किए जा रहे हैं, उससे सनातन धर्म की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार धार्मिक भावनाओं को समझने के बजाय उन्हें राजनीतिक मुद्दा बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी पूजनीय संत या धार्मिक गुरु को बदनाम करने की कोशिश करना उचित नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य की परंपरा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की एक महत्वपूर्ण धरोहर है। ऐसे में उनके बारे में विवाद खड़ा करना या उन्हें विवादों में घसीटना सनातन परंपरा का अपमान है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज देश और प्रदेश को ऐसे माहौल की जरूरत है जहां धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान किया जाए, न कि उन्हें राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाए।
सपा अध्यक्ष ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक विषयों पर संवेदनशीलता और सम्मान के साथ व्यवहार होना चाहिए, ताकि समाज में सौहार्द और विश्वास बना रहे।
उन्होंने कहा कि संतों, आचार्यों और आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है और इसे किसी भी हाल में कम नहीं होने देना चाहिए।


