संसद से सड़क तक सपा का विरोध, कार्यकर्ताओं से मांगी गैस की लाइनों की तस्वीरें
लखनऊ/नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश में एलपीजी गैस की कथित किल्लत, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और भारतीय जनता पार्टी की राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता को गुमराह करने का काम कर रही है और कई संवैधानिक संस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
संसद में सपा सांसदों का प्रदर्शन
एलपीजी गैस की कमी को लेकर संसद में अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी के सांसदों ने प्रदर्शन किया। सपा नेताओं का कहना है कि कई जगहों पर गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि जहां-जहां गैस के लिए लाइनें लगी हैं, वहां की तस्वीरें लेकर पार्टी कार्यालय भेजी जाएं, ताकि सरकार के दावों की सच्चाई सामने आ सके।
योगी सरकार पर तंज
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसी योगी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह झूठ बोले, लेकिन जो लोग देश को विश्व गुरु बनाने की बात करते हैं, वही लोग आज जनता को गैस के लिए लाइन में खड़ा होने पर मजबूर कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने दावा किया था कि किसी चीज की कमी नहीं है, तो फिर गैस की उपलब्धता क्यों नहीं हो पा रही है।
चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जब भी किसी राज्य में चुनाव होते हैं और वहां भाजपा की सरकार नहीं होती, तो सबसे पहले डीजीपी और मुख्य सचिव जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया जाता है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसा कभी नहीं हुआ।
उनके अनुसार, “जब-जब हमने शिकायतें कीं, न उनकी जांच हुई और न ही किसी अधिकारी को हटाया गया। इससे लगता है कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।”
अखिलेश यादव ने भाजपा पर झूठ और अफवाह फैलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में अगर सबसे ज्यादा अफवाह फैलाने, झूठ बोलने और लोगों को गुमराह करने का काम कोई कर रहा है तो वह भारतीय जनता पार्टी के लोग हैं।
उनका कहना है कि भाजपा लगातार साजिश और भ्रम की राजनीति कर रही है। अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करना भी नहीं आता। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब धार्मिक संतों और परंपराओं का अपमान हुआ हो। उन्होंने पूजनीय शंकराचार्य के अपमान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी गर्माहट
अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में माहौल गरमा गया है। जहां समाजवादी पार्टी इसे जनता के मुद्दों की आवाज बता रही है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी है। हालांकि, गैस की किल्लत, चुनावी निष्पक्षता और प्रशासनिक फैसलों को लेकर उठे इन सवालों ने एक बार फिर प्रदेश और देश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।


