लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गुरुवार को चुनाव आयोग (Election Commission) पर भाजपा के इशारों पर काम करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में हेराफेरी की जा रही है। अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पूछा, “क्या चुनाव आयोग ने अपना काम भाजपा को ठेके पर दिया है, या भाजपा ने चुनाव आयोग को ठेके पर लिया है?” उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासनिक शब्दकोश में “चुनाव आयोग” को भाजपा के पर्यायवाची के रूप में जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि स्थिति ऐसी हो गई है कि भारत के चुनाव आयोग और भाजपा में कोई अंतर नहीं रह गया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे भाजपा सदस्यों के घरों पर चुनाव आयोग का झंडा फहराया जाना चाहिए, उन्हें पीठासीन अधिकारी बनाया जाना चाहिए और उनके घरों को मतदान केंद्र बना दिया जाना चाहिए।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के तहत खुलेआम वोटों की हेराफेरी हो रही है, जबकि संवैधानिक संस्थाएं चुप हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग आज वोट छीन रहे हैं, वे कल जनता के अन्य अधिकार भी छीन लेंगे, और यहां तक कि भाजपा समर्थक भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। चोरों का संबंध केवल चोरी से होता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि जनता का विश्वास लगातार टूट रहा है।
उन्होंने ‘पीडीए’ के बारे में भी बात की और इसे पीड़ा से उपजी एक साझा भावना बताया। उन्होंने लिखा, “पीड़ित लोग पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) हैं।” उनके अनुसार, पीडीए समुदाय अब एकजुट हो रहा है और उत्पीड़न को चुपचाप सहने के बजाय खुलकर अपनी बात कह रहा है। अखिलेश ने कहा कि इतिहास में लोग दूसरों के लिए सरकारें बनाते रहे हैं, लेकिन भविष्य में वे सामाजिक न्याय स्थापित करने, सभी के लिए समान सम्मान, समान अवसर और साझा समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए अपनी “पीडीए सरकार” बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिश करने वालों की विभाजनकारी रणनीतियां विफल हो रही हैं। उन्होंने कहा, “हर समुदाय के अच्छे लोग, भ्रष्टाचार और उत्पीड़न से तंग आकर, पीडीए के सकारात्मक, प्रगतिशील और सामंजस्यपूर्ण विचार से जुड़ रहे हैं। पीडीए अब केवल एक राजनीतिक अवधारणा नहीं रह गई है; यह आशा का नया नाम बन गया है।”


