लखनऊ/नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित सिंगापुर दौरे को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जब मुख्यमंत्री “माधुर्य-प्रवास” पर जा ही रहे हैं तो सिंगापुर में यह देखकर आएं कि जल की धारा कितनी दर्शनीय हो सकती है।
अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि “उनके राज्य में तो पानी की धारा सिर्फ पानी की फटी टंकियों से निकलती है या फटे पाइप से। जब देखेंगे तो आँखें फटी की फटी रह जाएंगी।” उन्होंने आगे कहा कि “ये सारे काम अपनी गिनती की तरह उल्टा करते हैं, ये जब जाने वाले हैं तब आखिरी ‘रुखसती साल’ में ‘सेर-ए-तजुर्बे’ पर जा रहे हैं।”
सपा प्रमुख का यह बयान प्रदेश में जल आपूर्ति, टूटी पाइपलाइनों और ओवरफ्लो टंकियों के मुद्दे को लेकर सरकार पर सीधा हमला माना जा रहा है। हाल के महीनों में कई जिलों से पाइपलाइन लीकेज और जलभराव की शिकायतें सामने आई हैं, जिन पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा है।
सिंगापुर का उदाहरण क्यों?
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के साथ सिंगापुर की प्रसिद्ध “मेरलायन ” फाउंटेन की तस्वीर साझा करते हुए संकेत दिया कि शहरी सौंदर्यीकरण और जल प्रबंधन में सिंगापुर एक मॉडल के रूप में देखा जाता है। उन्होंने परोक्ष रूप से यह सवाल उठाया कि प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सुधारने के बजाय विदेश दौरों पर जोर क्यों दिया जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस बयान पर अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल में इस तरह के बयानबाजी से सियासी तापमान और बढ़ सकता है।
अखिलेश यादव का तंज: “माधुर्य-प्रवास” पर जा रहे मुख्यमंत्री सिंगापुर में देखें जलधारा


