लखनऊ| मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगाया। माघ मेले में स्नान को लेकर प्रशासन और शंकराचार्य के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पूरा सम्मान होना चाहिए और इस तरह का व्यवहार भाजपा की अधार्मिक राजनीति को दर्शाता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा आज अपनी नीतियों के जरिए पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही है और सांप्रदायिक एजेंडे पर काम कर रही है। ऐसे समय में जनेश्वर मिश्र जैसे समाजवादी नेताओं के आंदोलन और विचारों को याद करना और भी जरूरी हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारियों का समर्थन करती है, जिससे समाज में गरीब और अमीर के बीच की खाई लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा अध्यक्ष ने किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। सरकार की योजनाएं, कानून और कार्यक्रम पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाए जा रहे हैं। ऐसे हालात में समाजवादी आंदोलन की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है और उनकी पार्टी जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव सहित अन्य समाजवादी नेताओं के विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ा रही है।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के मुसलमानों और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर बृजेश पाठक ने बाटी-चोखा खाया है तो उन्हें प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि जिस सरकार में वे उपमुख्यमंत्री हैं, उसी सरकार से उन्हें कई बार फटकार भी लग चुकी है।





