नई दिल्ली| लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चल रही विस्तृत बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाने चाहिए, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर लगातार आपत्तियाँ, तकनीकी संदेह और भरोसे से जुड़े प्रश्न सामने आ रहे हैं। उन्होंने सदन में स्पष्ट रूप से कहा कि “जब तक चुनाव प्रक्रिया पर जनता का पूरा विश्वास नहीं बनेगा, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। बैलेट पेपर ही जनता की विश्वसनीयता को सर्वोच्च स्तर पर कायम रख सकता है।अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में चल रही SIR प्रक्रिया पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में ड्यूटी के दौरान अब तक 10 BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौत हो चुकी है, जो प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि चुनावी ड्यूटी के दौरान जान जोखिम में डालने वाले BLOs लोकतंत्र के असली आधार हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।उन्होंने मांग की कि SIR प्रक्रिया के दौरान हुई इन मौतों को केवल एक आंकड़ा मानकर न छोड़ा जाए, बल्कि हर मृतक BLO के परिजनों को एक करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेशिया आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, जिससे उनके परिवार को तत्काल राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि मृत BLO के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए, ताकि परिवार आर्थिक संकट में न फँसे।अखिलेश यादव ने कहा कि सरकारें चुनावी मशीनरी की जिम्मेदारियों और जोखिमों को समझें तथा चुनावी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएँ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास और कमजोर हो सकता है।
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर अखिलेश यादव का तीखा बयान, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की जोरदार मांग


