लखनऊ
देश के सिनेमाघरों में फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने धमाल मचा रखा है। यह सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही हिट नहीं है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा जोरों पर है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार फिल्म की कहानी, किरदारों और कथित सच्चाई को लेकर बहस कर रहे हैं। यूपी की राजनीति में इस फिल्म को लेकर बयानबाज़ी और आलोचनाओं का दौर भी शुरू हो गया है।
फिल्म में प्रयागराज के माफिया रहे अतीक अहमद के कथित आई एस आई कनेक्शन को उजागर किया गया है। समाजवादी पार्टी ने इसे प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह फिल्म विपक्ष को बदनाम करने के लिए बनाई गई है।
लेकिन बागी सपा विधायक पूजा पाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अतीक अहमद के रूप में समाजवादी पार्टी का बड़ा फाइनेंसर मारा गया, जिसकी वजह से अखिलेश यादव को दुख हो रहा है।
पूजा पाल ने आगे कहा कि अतीक अहमद ने अपने नशे के कारोबार और लोगों की हत्याओं के जरिए समाज को गंभीर नुकसान पहुंचाया। उसने युवाओं को अपराध की ओर मोड़ा और नकली नोटों के कारोबार से देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया। सपा को इसकी पूरी जानकारी थी, लेकिन अखिलेश यादव की सरकार में उसकी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बागी विधायक ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा भी साझा की। उन्होंने कहा, “अतीक ने सिर्फ मेरी जिंदगी ही नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी बर्बाद की। मेरे पति राजू पाल की हत्या के लिए अतीक जिम्मेदार था। अगर अखिलेश यादव की सरकार होती तो मेरी हत्या हो चुकी होती। यह मेरे और मेरे परिवार के लिए व्यक्तिगत खतरा था, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्रवाई ने रोका।”
पूजा पाल ने इस अवसर पर यह भी कहा कि फिल्म ने अतीक अहमद और समाजवादी पार्टी के बीच संबंधों को उजागर किया है। अतीक के संरक्षण में समाज और देश को हुए नुकसान को सार्वजनिक करना जरूरी था। उन्होंने योगी आदित्यनाथ को “उत्तर प्रदेश के धुरंधर मुख्यमंत्री” बताते हुए उनकी कार्रवाई की सराहना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी देती है। इसने यूपी के राजनीतिक परिदृश्य में नई बहस को जन्म दिया है और नेताओं के बीच बयानबाज़ी का सिलसिला लगातार जारी है


