रायबरेली।उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिल्म ‘धुरंधर-2’ को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फिल्म को भारतीय जनता पार्टी का “प्रोपेगेंडा” करार देते हुए कड़ा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से राजनीतिक एजेंडा चलाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फिल्म जनता को प्रभावित करने और एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई है।
मनोज पांडेय का पलटवार, बयान से बढ़ा विवाद
अखिलेश यादव के इस बयान पर भाजपा विधायक मनोज पांडेय ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा—
“अखिलेश यादव का इलाज शास्त्रों में नहीं है, उनका इलाज मेडिकल साइंस में है।”
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है। दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाज़ी का दौर जारी है।
‘धुरंधर-2’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सीधे राजनीतिक बहस में बदल गया है। जहां एक ओर विपक्ष इसे भाजपा का एजेंडा बता रहा है, वहीं भाजपा नेता इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक विषयों को उठाने वाली फिल्म बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल फिल्म तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह एक बड़ा चुनावी मुद्दा भी बन सकता है।
2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश में सियासी माहौल पहले से ही गर्म है। ऐसे में इस तरह के मुद्दे राजनीतिक दलों को एक-दूसरे पर हमला करने का नया मंच दे रहे हैं।
फिल्म ‘धुरंधर-2’ पर उठे विवाद ने साफ कर दिया है कि यूपी की राजनीति में अब हर मुद्दा चुनावी नजरिए से देखा जा रहा है।
एक तरफ विपक्ष इसे प्रोपेगेंडा बता रहा है, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बता रहा है।
अब देखना होगा कि यह विवाद आगे और कितना तूल पकड़ता है और जनता के बीच इसका क्या असर पड़ता है।
‘धुरंधर-2’ पर सियासी घमासान तेज, अखिलेश ने बताया प्रोपेगेंडा—एमएलए मनोज पांडेय का तीखा पलटवार


