कानपुर: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) ने बुधवार को अचानक कानपुर का दौरा किया। उन्होंने साचेंडी में 14 वर्षीय सामूहिक बलात्कार पीड़िता (rape victim) के परिवार से मुलाकात की। राय ने पीड़िता के पिता से बात की और उन्हें पार्टी के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। मीडिया को संबोधित करते हुए राय ने आरोप लगाया कि एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) ने नाबालिग लड़की का बलात्कार किया और पुलिस ने आरोपी अधिकारी को भागने का मौका दिया। राय ने कहा, “वह एक पुलिस अधिकारी है—वह कहां भाग सकता है? पुलिस खुद आरोपी सब-इंस्पेक्टर को संरक्षण दे रही है।”
राय ने आगे आरोप लगाया कि उनके आने से पहले पुलिस पीड़िता को जबरन उसके घर से ले गई। उन्होंने सवाल किया, “पीड़िता को कहीं ले जाकर रखा गया है। सरकार क्या छिपाने की कोशिश कर रही है?” पीड़िता के पिता ने पत्रकारों को बताया कि सुबह करीब 9 बजे पुलिसकर्मी आए और अदालत में बयान दर्ज करने के बहाने उनकी बेटी को ले गए। उन्होंने बताया कि उसका भाई भी उसके साथ था।
अजय राय ने दावा किया कि आरोपी सब-इंस्पेक्टर पर घोषित इनाम महज़ प्रचार के लिए है और अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “जो रक्षक होने चाहिए थे, वे अब शिकारी बन गए हैं। योगी सरकार के शासन में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।” पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए राय ने कहा कि परिवार के पास न तो रहने के लिए उचित घर है और न ही खेती की ज़मीन, और गाँव में सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे, परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी, पीड़ित के लिए घर के निर्माण और ज़मीन के आवंटन की मांग की।
राय ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार उसे संरक्षण दे रही है। उन्होंने पूछा, “सरकार बुलडोजर कार्रवाई की बात करती है। सब-इंस्पेक्टर के घर पर बुलडोजर कब चलाया जाएगा? दूसरों के खिलाफ बुलडोजर चलाए जा रहे हैं—इन आरोपियों को क्यों बख्शा जा रहा है?”
इस बीच, आरोपी सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार मौर्य ने मुख्यमंत्री और कानपुर पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राय ने कहा, “जब आरोपी खुद स्पष्टीकरण दे रहा है और जांच की मांग कर रहा है, तो इससे साफ पता चलता है कि सरकार और प्रशासन उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”


