बीजिंग: Air India ने रविवार को शंघाई और नई दिल्ली (Shanghai-New Delhi) के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू कर दीं, जिससे छह साल बाद दोनों शहरों के बीच हवाई संपर्क बहाल हुआ। शंघाई-पुडोंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली उड़ान रवाना हुई, जिसमें बोइंग 787 विमान पर 230 से अधिक यात्री सवार थे। शंघाई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस उपलब्धि की जानकारी दी और इसे द्विपक्षीय हवाई संपर्क को सामान्य करने की दिशा में अहम कदम बताया।
पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद हवाई सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं। इसके करीब छह साल बाद एअर इंडिया की उड़ानों का संचालन शुरू करना भारत-चीन संबंधों में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यह कदम न केवल हवाई संपर्क को बहाल करता है, बल्कि व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए भी नए अवसर खोलेगा।
शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने पहली उड़ान के यात्रियों को विदा किया। उन्होंने कहा कि यह भारत और चीन के लोगों के बीच व्यापारिक और संस्थागत संपर्क को पुनः बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। माथुर ने बताया कि यह हवाई मार्ग व्यापार, पर्यटन और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए भी बेहद आवश्यक है।
माथुर ने आगे कहा कि शंघाई और नई दिल्ली के बीच उड़ानों की बहाली भारत-चीन संबंधों में नई गति का मजबूत संकेत देती है। उन्होंने जोर दिया कि यह कदम दोनों देशों के बीच लोगों के प्रत्यक्ष संपर्क, वाणिज्यिक गतिविधियों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आसान बनाने में मदद करेगा।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि एअर इंडिया इस मार्ग पर हफ्ते में चार बार बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमानों से उड़ानों का संचालन करेगी। इनमें आधुनिक केबिन और बेहतर ऑन-बोर्ड सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस सेवा का उद्देश्य भारत और चीन के यांग्त्जे नदी डेल्टा क्षेत्र के बीच यात्रा और वाणिज्यिक गतिविधियों को सुलभ बनाना है।
विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली यात्रा मांग को देखते हुए यह उड़ान भारत-चीन हवाई संपर्क को धीरे-धीरे सामान्य कर रही है। इससे दोनों देशों के बीच निवेश, पर्यटन और शिक्षा का आदान-प्रदान भी बढ़ेगा। यह क्षेत्र चीन का सबसे आर्थिक रूप से सक्रिय हिस्सा माना जाता है, इसलिए हवाई कनेक्टिविटी का पुनर्स्थापन रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
एअर इंडिया की इस सेवा से छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को सीधे और सुविधाजनक हवाई मार्ग मिलेगा। भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि वे निवेश, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने वाले उपायों का समर्थन जारी रखेंगे।
भारत और चीन ने पिछले साल अक्टूबर में विभिन्न शहरों के बीच उड़ानों को फिर से बहाल किया था। इंडिगो ने 10 नवंबर, 2025 से कोलकाता-ग्वांगझू और दिल्ली-ग्वांगझू उड़ानें शुरू की थीं, जबकि चाइना ईस्टर्न ने नवंबर में शंघाई-नई दिल्ली उड़ानें फिर से शुरू की थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई संपर्क की बहाली दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता और भरोसे का संकेत देती है। यह न केवल व्यापार के लिए, बल्कि लोगों के बीच समझ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा।
इस तरह, शंघाई-नई दिल्ली सीधी उड़ानों की बहाली एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क, वाणिज्यिक सहयोग और लोगों के बीच सांस्कृतिक संपर्क को फिर से सशक्त करने का संदेश देता है।


