लखनऊ। बेंगलुरु से लखनऊ आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में सीट आवंटन और भोजन को लेकर यात्री और केबिन क्रू के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला विमान के लखनऊ पहुंचने के बाद पुलिस तक जा पहुंचा। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सरोजनीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार Air India Express की फ्लाइट संख्या IX-2048 बेंगलुरु से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। आरोप है कि उड़ान के दौरान एक यात्री और क्रू मेंबर के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो बाद में तीखी बहस में बदल गई। विमान के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उतरने के बाद स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
बेंगलुरु निवासी अंकित सहाय ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजनेस क्लास का टिकट बुक कराया था, लेकिन एयरपोर्ट पर उन्हें इकॉनमी क्लास की सीट दे दी गई। उनका कहना है कि उन्होंने नॉनवेज भोजन पहले से प्री-बुक किया था, फिर भी उन्हें वेज भोजन परोसा गया। जब उन्होंने वेज भोजन लेने से इनकार किया तो क्रू मेंबर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें पानी तक नहीं दिया गया।
अंकित सहाय ने यह भी आरोप लगाया कि लखनऊ पहुंचने पर उन्हें विमान से तुरंत उतरने की अनुमति नहीं दी गई और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के माध्यम से पुलिस के हवाले कर दिया गया। उनका दावा है कि उन्हें अपनी पत्नी और तीन वर्षीय बेटे के साथ लगभग पांच घंटे तक मानसिक रूप से परेशान किया गया।
वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि संबंधित यात्री ने उड़ान के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार किया। एयरलाइन के अनुसार यात्री ने बोर्डिंग पास क्रू मेंबर पर फेंका और विमान में हंगामा किया, जिससे उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। एयरलाइन का कहना है कि पूरे मामले में निर्धारित विमानन नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरोजनीनगर थाना पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद यात्री दंपती को छोड़ दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विमान में मौजूद अन्य यात्रियों और क्रू के बयान भी लिए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति बनी रही। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि उड़ानों में सीट और भोजन को लेकर विवाद के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं, लेकिन सुरक्षा नियमों के चलते किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जाता है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।






