लखनऊ: AIMIM नेता शौकत अली (Shaukat Ali) के विवादित बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने राजा सुहेलदेव राजभर को “लुटेरा” और विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी (Salar Masood Ghazi) को “महान” कह दिया। इस पर भाजपा प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि वह ऐसे बयान का हर स्तर पर विरोध करेंगे।
इतिहासकारों के अनुसार राजा सुहेलदेव राजभर 11वीं सदी के पराक्रमी योद्धा थे। उन्होंने बहराइच की ऐतिहासिक लड़ाई में सालार मसूद गाजी का अंत किया था। कहा जाता है कि राजा सुहेलदेव ने अपने तीर से गाजी की गर्दन धड़ से अलग कर दी थी और उसकी सेना को पराजित किया था।
राजा सुहेलदेव को उस योद्धा के रूप में जाना जाता है जिसने भारत को इस्लामी शासन बनाने की कोशिश करने वाले विदेशी आक्रांता को परास्त किया। सालार मसूद गाजी, कुख्यात आक्रांता महमूद गजनवी का भांजा था।
गजनवी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर को लूटा था। गाजी भी उसकी तरह मंदिर तोड़ने, धन लूटने, हिंदुओं की बहन-बेटियों की इज्जत लूटने और धर्मांतरण कराने में लगा रहा। इतिहासकारों का मानना है कि गाजी निर्दयी, जुल्मी और वहशी लुटेरा था। राजा सुहेलदेव की वीरता के कारण ही भारत की अस्मिता और सनातन संस्कृति सुरक्षित रही।
शिशिर चतुर्वेदी ने शौकत अली के बयान को भारतीय इतिहास और संस्कृति का अपमान बताया। उन्होंने कि “राजा सुहेलदेव भारत माता के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांता गाजी को हराकर देश की रक्षा की। शौकत अली का बयान सिर्फ असत्य ही नहीं बल्कि समाज को भड़काने वाला है। हम इसका जोरदार विरोध करेंगे।”
आज भी सुहेलदेव राजभर को जननायक और हिंदुस्तान की अस्मिता के रक्षक के रूप में याद किया जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार उनके नाम पर स्मारक और योजनाएं चला रही है। शौकत अली के बयान को लेकर अब राजनीति गरमाती दिख रही है और आने वाले दिनों में यह बड़ा मुद्दा बन सकता है।


