नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा। हाल ही में एआई समिट में सामने आए विवाद के बाद गलगोटिस यूनिवर्सिटी से जुड़ा वर्ष 2014 का एक पुराना वित्तीय प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
उपलब्ध न्यायालयीन अभिलेखों के अनुसार, उस समय एक निजी वित्तीय संस्था से लिए गए लगभग 80 करोड़ रुपये के ऋण को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। बताया जाता है कि ब्याज और अन्य देयकों के साथ यह राशि बढ़कर करीब 122 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
ऋण विवाद से आपराधिक मामला
रिकॉर्ड के मुताबिक, ऋण अदायगी को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मामला आपराधिक प्रकरण में परिवर्तित हुआ। संबंधित वित्तीय संस्था ने भुगतान में अनियमितता और शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया था।दस्तावेजों के अनुसार, उस समय प्रबंधन से जुड़े कुछ व्यक्तियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई भी हुई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति को अदालत से अग्रिम जमानत मिली थी।
एआई समिट में विश्वविद्यालय से जुड़े कथित तकनीकी दावे पर उठे सवालों के बाद यह पुराना मामला फिर चर्चा में है। हालांकि यह प्रकरण 2014 का बताया जा रहा है और उस समय की कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई हुई थी।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन या संबंधित पक्षों की ओर से फिलहाल कोई ताजा आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने मामलों को वर्तमान विवाद से जोड़कर देखने से पहले न्यायालयीन स्थिति और अंतिम निष्कर्ष को ध्यान में रखना आवश्यक है।
एआई समिट विवाद के बीच गलगोटिस से जुड़ा 2014 का पुराना वित्तीय मामला फिर चर्चा में


