नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने गणतंत्र दिवस (Republic Day) से पहले रविवार को अपनी ‘आंखें और कान’ योजना (city-wide ‘Eyes and Ears’ campaign) के तहत सभी जिलों के पुलिस थानों, मेट्रो इकाइयों और आईजीआईए इकाइयों में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल में जनता की भारी भागीदारी रही, जिसमें हजारों नागरिक व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रतिभागियों में बाजार कल्याण संघों (एमडब्ल्यूए), निवासी कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए), होटल मालिक, सेकंड-हैंड कार डीलर, फल और सब्जी विक्रेता, सुरक्षाकर्मी, कुली और अन्य सामुदायिक प्रतिनिधि शामिल थे।
कार्यक्रम का उद्देश्य ‘आंखें और कान’ योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाना था, जो जनता को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों, व्यक्तियों या संभावित आपराधिक कृत्यों की समय पर रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करती है। आरडब्ल्यूए को सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने, किरायेदारों का सत्यापन करने और फेरीवालों के प्रवेश पर नजर रखने की सलाह दी गई, जबकि एमडब्ल्यूए से सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने, पुलिस ब्रीफिंग में भाग लेने और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने का आग्रह किया गया।
होटल मालिकों को अतिथियों की पहचान सत्यापित करने और अधिभोग के सटीक रिकॉर्ड बनाए रखने के निर्देश दिए गए, और सिम कार्ड विक्रेताओं को दूरसंचार विभाग के दिशानिर्देशों का पालन करने की याद दिलाई गई। सेकेंड हैंड कार डीलरों को उचित सत्यापन और वाहन स्वामित्व के समय पर हस्तांतरण सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। पार्किंग परिचारकों और रसायन दुकानों के मालिकों पर विशेष जोर दिया गया, जिन्हें सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी गई।
शीघ्र रिपोर्टिंग की सुविधा के लिए ईआरएसएस 112 और दिल्ली पुलिस की ‘आंखें और कान’ हेल्पलाइन 14547 सहित आपातकालीन नंबर साझा किए गए। मुख्य संदेशों को सुदृढ़ करने के लिए शैक्षिक पर्चे, पोस्टर और जागरूकता वीडियो उपलब्ध कराए गए। यह पहल आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने और सुरक्षा में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।


