– केंद्रीय और जिला कारागार में 30- 30 व्यक्तियों की क्षमता वाले दो- दो नए बैरकों का हो रहा निर्माण
– दोनों जेलो में सुरक्षा और आवास व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा निर्णय
– योगी सरकार के कार्यकाल में यूपी की कारागार को सुधार गृह के रूप में विकसित करने पर दिया जा रहा जोर
आगरा, 12 अप्रैल। उत्तर प्रदेश की जेलों में बंदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने आगरा के कारागारों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के जेलों में क्षमता से अधिक बंदियों के दबाव को कम करने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगरा के केंद्रीय कारागार और जिला कारागार में नए बैरकों का निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी कर दिया है, जिससे जेल प्रशासन को बड़ी राहत मिलेगी।
जेलों में नए बैरकों का निर्माण और करोड़ों का बजट
आगरा की जेलों में बंदियों की संख्या बढ़ने के कारण बैरकों में जगह का अभाव एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। इसे दूर करने के लिए योगी सरकार ने विशेष धनराशि स्वीकृत की है। इस योजना के तहत आगरा के केंद्रीय कारागार में 4.0099 करोड़ रुपये और जिला कारागार में 2.4755 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया जाएगा। इन नए बैरकों के निर्माण से बंदियों को रहने के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा और जेलों में भीड़भाड़ की समस्या में कमी आएगी।
30-30 व्यक्तियों की क्षमता वाले दो-दो नए बैरक
योजना के अनुसार आगरा जनपद की दोनों कारागारों (केंद्रीय और जिला) में 30-30 व्यक्तियों की क्षमता वाले दो- दो नए बैरकों का निर्माण किया जाएगा। इससे आगरा की इन जेलों में कुल 120 नए बंदियों के रहने की अतिरिक्त व्यवस्था हो जाएगी। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि जेल की व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।
बंदियों के सुधार और जेलों में व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
योगी सरकार का विजन है कि जेलों में सुधार के साथ- साथ वहां की इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार- बार इस बात पर जोर दिया है कि जेल केवल दंड देने का स्थान न हों, बल्कि वहां बंदियों में सुधार के लिए उचित वातावरण भी होना चाहिए। नए बैरकों के निर्माण से जेलों में बंदियों के रहने की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। जेल प्रशासन का मानना है कि इस पहल से जेलों के भीतर अनुशासन बनाए रखने और बंदियों को बेहतर सेवाएं देने में भी आसानी होगी।


