शाहजहांपुर l राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में 16 वर्षीय अंकित सिंह की इलाज के दौरान मौत के बाद ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। बेटे के शव के पास बिलख रहे पिता को सांत्वना देने के बजाय पुलिस द्वारा कथित रूप से मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि शोक की इस घड़ी में उन्हें न्याय और संवेदना की जगह अपमान और अत्याचार का सामना करना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, अंकित सिंह की सांसें चल रही थीं, इसके बावजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर शव को मॉर्चरी भेज दिया। इस बात से आक्रोशित परिजनों ने ट्रॉमा सेंटर में सवाल उठाए, जिसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया। आरोप है कि सूचना पर पहुंची चौक कोतवाली पुलिस ने हालात को संभालने के बजाय पीड़ित परिवार पर ही सख्ती बरती और शोकाकुल पिता को निशाना बनाया।
परिजनों का आरोप है कि मौके पर मौजूद कांस्टेबल विष्णु ने मृतक के पिता को थप्पड़ मारे, उन्हें घसीटते हुए बाहर ले जाया गया और बाद में चौकी में बंद कर दिया गया। बेटे की मौत से टूट चुके पिता के साथ इस तरह का व्यवहार देख अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों में भी रोष फैल गया। लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई को अमानवीय और संवेदनहीन बताया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। परिजन रोते-बिलखते रहे और पुलिस व डॉक्टरों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते रहे। डॉक्टरों की कथित लापरवाही और पुलिस की मारपीट को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है। परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला तूल पकड़ता जा रहा है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठ रही हैं।


