– निदेशक प्रो. राजकुमार के प्रयासों से शुरू हुआ ओपीडी
रांची /लखनऊ: करीब 12 वर्षों (2014 से) से लंबित चला आ रहा RIMS (रीजनल ऑप्थैल्मिक सेंटर) का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आखिरकार ज़मीन पर उतर गया। वर्षों की प्रतीक्षा, बार-बार बदले गए 8 निदेशकों और प्रशासनिक अड़चनों के बाद 9वें निदेशक प्रोफेसर राजकुमार (Professor Rajkumar) के कार्यकाल में इस परियोजना की विधिवत शुरुआत हो सकी।
निदेशक प्रो. राजकुमार के निरंतर प्रयासों, प्रशासनिक समझ और समन्वय के चलते क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में ओपीडी सेवाएं प्रारंभ कर दी गईं। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर है, जो अब अत्याधुनिक नेत्र उपचार सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इस ऐतिहासिक पहल के पीछे माननीय मुख्यमंत्री की प्रत्यक्ष हस्तक्षेप और स्पष्ट मंशा की भी अहम भूमिका रही। वहीं स्वास्थ्य मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव के सहयोग और मार्गदर्शन से वर्षों से अटकी फाइलें आगे बढ़ सकीं और परियोजना को नई गति मिली।
सूत्रों के अनुसार, संस्थान में जल्द ही नेत्र सर्जरी सेवाएं भी शुरू की जाएंगी, जिससे मरीजों को बाहर के बड़े शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही रिम्स परिसर में करीब 10 अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के औपचारिक उद्घाटन की भी तैयारी चल रही है, जिनकी घोषणा शीघ्र होने की संभावना है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। प्रो. राजकुमार के नेतृत्व में वर्षों से जटिल बनी इस परियोजना को सरल बनाकर शुरू करना उनकी कार्यक्षमता, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का प्रमाण है। क्षेत्र की जनता और चिकित्सा जगत ने इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए इसे जनहित में बड़ा कदम बताया है।


