एटा। जनपद में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इस बदलाव के तहत कई एसडीएम, खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) और नायब तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया है, जिससे विभागीय कार्यों में तेजी लाने और जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई जा रही है।
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार नायब तहसीलदार वाजिद अली को जलेसर से एटा स्थानांतरित किया गया है, जबकि सारस्वत अग्रवाल को भी एटा में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन बदलावों का उद्देश्य राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना बताया जा रहा है।
इसके अलावा विकास खंड स्तर पर भी महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। बीडीओ अजीत सिंह को जैथरा से स्थानांतरित कर शीतलपुर विकास खंड की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं संयुक्त खंड विकास अधिकारी अलीगंज शिवशंकर शर्मा को जैथरा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। साथ ही सुधाकर दुबे को मारहरा के साथ-साथ जैथरा में मनरेगा कार्यों का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
डीएम द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत डीसी मनरेगा प्रभुदयाल से शीतलपुर का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के फेरबदल से विकास कार्यों में तेजी आएगी और योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय से पहुंच सकेगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने नए कार्यक्षेत्र में तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण कर लें और शासन की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रशासनिक बदलाव के बाद जिले में नई कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आम जनता को उम्मीद है कि इस फेरबदल से विकास कार्यों में तेजी आएगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा।


