अमृतपुर/फर्रुखाबाद
तहसील क्षेत्र के गांव परमापुर में आबादी की भूमि को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायत मिलते ही उप जिलाधिकारी संजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गाटा संख्या 1970 राजस्व अभिलेखों में आबादी व बंजर भूमि के रूप में दर्ज है, जिस पर लंबे समय से ग्रामीणों का निवास है तथा निकट ही एक विद्यालय भी संचालित है। ग्रामवासियों का कहना है कि उक्त भूमि पर देवस्थान या बारात घर का निर्माण कराया जाना चाहिए, जिससे सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित हो सके।वहीं पप्पू पुत्र छोटेलाल बीते लगभग 20 वर्षों से उसी भूमि पर झोपड़ी बनाकर निवास कर रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उसके पास कोई अन्य आवासीय विकल्प नहीं है। पीड़ित द्वारा स्थायी निर्माण शुरू किए जाने पर विवाद और गहरा गया, जिसमें चुनावी रंजिश की बात भी सामने आई है।मौके पर पहुंचे कानूनगो लालबहादुर व लेखपाल उत्कर्ष दुबे की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित गाटा संख्या पर लंबे समय से आबादी बसी हुई है। उप जिलाधिकारी संजय सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप 20 वर्षों से अधिक समय से निवास कर रहे परिवार को बेदखल नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने राजस्व टीम को निर्देशित किया कि गांव में उपलब्ध अन्य खाली भूमि की तलाश कर सभी पक्षों के हित में समाधान सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को राहत मिली है और मामले के शांतिपूर्ण निस्तारण की उम्मीद जगी है


