फर्रुखाबाद: अवैध प्लाटिंग (illegal plotting) के खिलाफ चल रहे प्रशासनिक अभियान (administrative campaign) में अब बड़ा मोड़ आता दिख रहा है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जिले में अवैध कॉलोनियों के खेल में कई प्रभावशाली और सफेदपोश लोगों की भूमिका सामने आई है। इस संबंध में गोपनीय रिपोर्ट शासन स्तर तक भेजी गई है, जिसकी जानकारी योगी आदित्यनाथ तक भी पहुंचने की बात कही जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की सबसे कड़ी नजर उन क्षेत्रों पर है, जहां नियमों को ताक पर रखकर भू-उपयोग के विपरीत प्लाटिंग कराई जा रही है। शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में नगर विनियमित क्षेत्राधिकार कार्यालय ने अवैध प्लाटिंग पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासनिक अमले द्वारा संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार की जा रही है, जहां बिना स्वीकृत लेआउट, बिना विकास शुल्क और बिना अनुमति निर्माण कराया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जहानगंज और कमालगंज क्षेत्रों में भी अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इन इलाकों में पिछले कुछ समय से तेजी से विकसित हो रहीं कॉलोनियों की वैधता की गहन जांच चल रही है। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय मानी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अभियान में किसी भी प्रकार का दबाव या राजनीतिक पहचान आड़े नहीं आने दी जाएगी। अवैध प्लाटिंग के जरिए जनता की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आमजन से अपील की गई है कि प्लॉट या भूमि क्रय करने से पहले संबंधित प्राधिकरण/नगर विनियमित क्षेत्राधिकारी कार्यालय से उसकी वैधता अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में कानूनी संकट से बचा जा सके। नोट: यह रिपोर्ट प्रशासनिक सूत्रों और चल रही जांच पर आधारित है। अंतिम कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि और वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।


