शाहजहांपुर: जनपद में ओवरलोड बालू से भरे डंपरों (overloaded sand dumpers) का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। नियम-कानूनों को ताक पर रखकर दिन-रात सड़कों (roads) पर दौड़ रहे ये भारी-भरकम डंपर न सिर्फ आम जनता की जान के लिए खतरा बन चुके हैं, बल्कि सरकारी राजस्व को भी खुलेआम चूना लगा रहे हैं।
जब-जब मीडिया में ओवरलोड डंपरों की खबरें सुर्खियों में आती हैं, तब-तब एआरटीओ प्रवर्तन की कार्रवाई कागज़ों और फोटो तक सीमित दिखाई देती है। दो-चार डंपरों पर चालान कर कार्रवाई का दिखावा किया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। यदि कार्रवाई वास्तव में लगातार और निष्पक्ष हो, तो फर्रुखाबाद से ओवरलोड बालू लेकर कोई भी डंपर शाहजहांपुर की सीमा तक पहुंचने की हिम्मत न करे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे खेल में बिचौलियों की अहम भूमिका है, जो कथित तौर पर ‘महीना’ पहुंचाकर ओवरलोड पास कराने का काम करते हैं। यही वजह है कि कार्रवाई की धार कमजोर पड़ जाती है और ओवरलोड डंपर बेखौफ सड़कों पर फर्राटा भरते रहते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौजूदा एआरटीओ प्रवर्तन और संबंधित विभाग इस गोरखधंधे पर वास्तव में लगाम लगा पाएंगे या नहीं? परिवहन और खनन विभाग की कार्रवाई को लेकर आमजन में गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सिमट कर रह गई है।
ओवरलोड बालू से भरे डंपरों की वजह से सड़कों की हालत तेजी से खराब हो रही है। कई स्थानों पर सड़कें धंस चुकी हैं, वहीं तेज रफ्तार और भारी वजन के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक जोखिम में हैं।
ग्रामीणों और शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड बालू के डंपरों के खिलाफ नियमित, पारदर्शी और सख्त कार्रवाई की जाए। दोषी वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले हालात पर काबू पाया जा सके।


