सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (Saharanpur) में एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई में 800 करोड़ रुपये के क्रिप्टो निवेश घोटाले के आरोपी को गिरफ्तार (arrested) किया है। आरोपी जितेंद्र राम, जो सहारनपुर के रामपुर कंबोइयां गांव का निवासी है, ने कथित तौर पर “एमटी-5” नामक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के जरिए निवेशकों को लुभाया। शुरुआत में, ऐप ने उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतने के लिए फर्जी लाभ दिखाए। बाद में, प्लेटफॉर्म को अचानक बंद कर दिया गया, जिससे निवेशक ठगे गए।
गाजियाबाद में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद एसटीएफ ने उसकी तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि जितेंद्र पहले नेटवर्क मार्केटिंग में शामिल था और बाद में उसने “सी प्राइम कैपिटल” नाम से एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी शुरू की। सेमिनारों और ऑनलाइन प्रचार के जरिए उसने लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए राजी किया और उन्हें उच्च रिटर्न का वादा किया।
पीड़ितों को MT-5 ऐप पर लॉगिन आईडी दी गई थी, जिसका भारत में उपयोग अधिकृत नहीं है। ऐप ने निवेश जारी रखने के लिए प्रोत्साहन देने हेतु मनगढ़ंत लाभ दिखाए। कुछ शुरुआती निवेशकों को कथित तौर पर लाभ प्राप्त हुआ, जिससे विश्वसनीयता और बढ़ गई। एसटीएफ ने खुलासा किया कि यह ऑपरेशन एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था जिसमें लगभग 3,500 एजेंट और 30,000 से अधिक निवेशक खाते शामिल थे, जिन्होंने सामूहिक रूप से 700-800 करोड़ रुपये जुटाए थे।
धोखाधड़ी से प्राप्त धन को कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर दुबई और मॉरीशस के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां इसका उपयोग भारतीय अधिकारियों से बचने के लिए संपत्ति खरीदने में किया गया। बताया जाता है कि जितेंद्र ने अवैध धन का उपयोग करके अपने गांव में एक घर बनाया था और वह कभी-कभी लग्जरी कारों में वहां जाता था। कहा जाता है कि उसने प्रेम विवाह किया था और अपनी पत्नी के साथ रहता था। अधिकारी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और धन की वसूली के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए हैं।


