लखनऊ| प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रविवार को घने कोहरे की चादर छाई रहने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दृश्यता बेहद कम होने के कारण एक्सप्रेसवे, हाईवे और प्रमुख सड़कों पर एक के बाद एक सड़क हादसे सामने आए। कई स्थानों पर वाहनों की आपस में भिड़ंत हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई। हादसों के चलते मार्गों पर लंबा जाम लग गया और यातायात घंटों प्रभावित रहा।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आगरा के थाना डौकी क्षेत्र में किलोमीटर 14.200 पर कोहरे के कारण एक के बाद एक करीब 10 वाहन आपस में टकरा गए। सूचना पर पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया। वहीं उन्नाव जिले के गंजमुरादाबाद क्षेत्र में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर गौरियाकला गांव के पास टाइल्स लदा लोडर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके बाद पीछे से करीब 10 वाहन उससे टकरा गए। इस हादसे में एक चालक की मौत हो गई, जबकि परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। यातायात करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा।
अमेठी जिले में रायबरेली-सुल्तानपुर राजमार्ग पर फुरसतगंज जमालपुर गोसाई ताल के पास ट्रक ने बाइक सवार भाई-बहन को टक्कर मार दी। हादसे में भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं हमीरपुर जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर रोडवेज बस और बोलेरो की आमने-सामने टक्कर में बोलेरो सवार तीन लोगों की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हाथरस में घने कोहरे के बीच अलीगढ़ से लखनऊ जा रही सांसद लिखी फॉर्च्यूनर कार एटा रोड पर खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में अकराबाद ब्लॉक प्रमुख राहुल सिंह बाल-बाल बच गए, जबकि कार सवारों को मामूली चोटें आईं। अलीगढ़ के अकराबाद क्षेत्र में जीटी रोड पर भी करीब आठ वाहन आपस में भिड़ गए, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भी कोहरे के कारण कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। पुलिस और हाईवे प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटी रहीं। पुलिस का कहना है कि घने कोहरे में तेज रफ्तार और ओवरटेक की कोशिश हादसों की बड़ी वजह बनी। प्रशासन ने वाहन चालकों से कोहरे में सावधानी बरतने और धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की है।






